छपरा । दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे सोनम वांगचुक के समर्थन में पहुंचे प्रदर्शनकारियों और आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा के साथ दिल्ली पुलिस द्वारा किए गए दुर्व्यवहार व पुलिसिया दमन के खिलाफ छात्र संगठन आइसा ने कड़ा आक्रोश जताया है। इस तानाशाहीपूर्ण कार्रवाई के विरोध में आइसा सारण जिला इकाई द्वारा सोमवार को एक विशाल प्रतिवाद मार्च निकाला गया
यह विरोध मार्च नगर पालिका चौक से शुरू होकर थाना चौक तक किया गया, जहाँ पुलिसिया दमन के खिलाफ एक सभा की किया गया
आइसा के स्थानीय नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार के इशारे पर दिल्ली पुलिस ने जिस तरह से लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठा रहे छात्रों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा पर दमन चक्र चलाया है, वह बेहद निंदनीय है। सरकार सच की आवाज को लाठी और पुलिस के दम पर दबाना चाहती है, जिसे छात्र युवा कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे।
“इंकलाब जिंदाबाद के नारों के साथ सारण के छात्र और नौजवान सड़कों पर उतरकर इस पुलिसिया दमन का करारा जवाब देंगे। जब तक दमनकारी नीतियां बंद नहीं होतीं, हमारा संघर्ष जारी रहेगा इस मार्च में आइसा के तमाम नेताओं सहित रानी, रिया, राजलक्ष्मी, संजना, कालिदास, अखिलेश, रौशन, बिट्टू,नीरज, प्रियांशु, शिवम और प्रदीप तथा अन्य सैकड़ों छात्र उपस्थित रहे ।










