सीवान में ग्रामीण मजदूर सभा की दो दिवसीय सामूहिक भूख हड़ताल, 12 सूत्री मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा

  News4Bihar | सीवान :  अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा जिला परिषद, सीवान की ओर से विभिन्न जनसमस्याओं और ग्रामीण मजदूरों के अधिकारों को लेकर 13 और 14 अगस्त को प्रखंड मुख्यालय पर दो दिवसीय सामूहिक भूख हड़ताल शुरू की गई है। संगठन ने बिहार सरकार से ग्रामीण गरीबों, मजदूरों, किसानों और महिलाओं से जुड़ी 12 सूत्री मांगों को तत्काल पूरा करने की मांग की है।

संगठन की ओर से प्रखंड विकास पदाधिकारी के माध्यम से बिहार सरकार को सौंपे गए मांग-पत्र में ग्रामीण क्षेत्रों में होल्डिंग टैक्स लगाने पर रोक लगाने तथा पानी, सफाई आदि के टैक्स की वसूली पर रोक लगाने की मांग की गई है।

मांग-पत्र में बिहार में बुलडोजर राज और गरीबों की राशन कटौती पर तत्काल रोक लगाने, सभी ग्रामीण गरीबों को 6,000 रुपये मासिक पेंशन देने, गरीबों के बकाया बिजली बिल माफ कर 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने तथा बिजली के निजीकरण और स्मार्ट मीटर लगाने पर रोक लगाने की मांग की गई है।

इसके अलावा गरीबों को उजाड़ना बंद करने, भूमिहीनों को पांच डिसमिल जमीन और आवास की गारंटी देने, महिलाओं, गरीबों और किसानों का दो लाख रुपये तक का कर्ज माफ करने तथा सभी गरीबों का नाम राशन कार्ड में दर्ज कर प्रति यूनिट 15 किलो राशन की गारंटी देने की मांग उठाई गई है।

संगठन ने स्कूलों को बंद करने और मर्ज करने पर रोक लगाते हुए स्नातक तक निशुल्क शिक्षा की गारंटी, प्रखंडों के गांव-गांव में अंतिम छोर तक नहरों में पानी पहुंचाने एवं नहरों की सफाई कराने तथा प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा, सम्मान और रोजगार की गारंटी के लिए कानून बनाने की भी मांग की है।

मांग-पत्र के अंतिम बिंदु में बिहार बंद के दौरान छात्रों पर कथित तौर पर गोली चलाने वाले सीवान एसपी को बर्खास्त करने की मांग की गई है।

अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा ने कहा है कि ग्रामीण गरीबों और मजदूरों की समस्याओं के समाधान के लिए सरकार को गंभीरता से पहल करनी चाहिए। संगठन ने मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन को आगे भी जारी रखने का संकेत दिया है।