मृत्यु भोज की पुरानी परंपरा के बहिष्कार का लिया संकल्प

News4Bihar | इसुआपुर। प्रखंड स्थित मदीना मस्जिद, सहवां तख्त टोला के परिसर में बुधवार की संध्या नूर हसन अंसारी की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक का संचालन सचिव मोहम्मद सलीम ने किया। बैठक में सर्वसम्मति से मृत्यु के बाद मृतक के घर आयोजित होने वाले पारंपरिक भोज एवं अन्य औपचारिक भोज का बहिष्कार करने का निर्णय लिया गया। बैठक में उपस्थित लोगों ने शपथ लेते हुए कहा कि किसी व्यक्ति के इंतकाल के बाद उसके घर होने वाले तीजा, चहारम, दसवां, बिसवां, चालीसवां, सालाना श्राद्ध भोज तथा मैयत के खाने में वे शामिल नहीं होंगे। साथ ही इस प्रकार के भोज का आयोजन स्वयं नहीं करने और न ही किसी अन्य के यहां जाकर भोजन करने का निर्णय लिया गया। यदि इस तरह के भोज का निमंत्रण मिलता है तो उसका भी बहिष्कार करते हुए दावत वापस कर दी जाएगी।

हालांकि, बैठक में स्पष्ट किया गया कि मैयत वाले घर में इसाले सवाब के उद्देश्य से आयोजित मिलाद शरीफ, कुरानखानी, फातिहाखानी आदि धार्मिक कार्यक्रमों में सभी लोग पूर्व की तरह शामिल होंगे। बैठक में अनवर हुसैन, मो. तौहीद, मौलाना मो. हनीफ, शौकत अली, नजरे आलम, मो. शाहिद, सलीमुल्लाह अंसारी, हमीद मियां, मो. नसरुल्लाह, मो. हसमुल्लाह, मो. आजादी, अजहरुद्दीन, मुन्ना, जैनुद्दीन, मो. मुमताज, असगर अली सहित सहवां तख्त टोला के अन्य ग्रामीण मौजूद थे।