इसुआपुर (सारण): इसुआपुर प्रखंड के डाटरा पुरसौली पंचायत अंतर्गत भगवानपुर गांव से होकर गुजरने वाली गंडक नहर का बांध टूट जाने से क्षेत्र में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। नहर का पानी तेजी से गांवों और खेतों में फैलने से हजारों एकड़ में लगी धान समेत अन्य फसलें जलमग्न हो गई हैं। फसलों की बर्बादी से किसान बेहद निराश और आक्रोशित हैं।
ग्रामीणों के अनुसार मंगलवार की रात नहर का बांध टूट गया था, लेकिन करीब 14 घंटे बीत जाने के बाद भी बुधवार दोपहर तक इसकी मरम्मत नहीं हो सकी। लगभग 3 से 4 मीटर चौड़े हिस्से से तेज़ी से पानी बहकर भगवानपुर सहित आधा दर्जन गांवों में प्रवेश कर रहा है। किसानों का कहना है कि यदि जल्द पानी का बहाव नहीं रोका गया तो पांच गांवों के घरों में भी पानी घुसने की आशंका है।
घटना की सूचना मिलने पर गंडक विभाग के एसडीओ एवं अन्य अभियंता मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने बताया कि पानी के दबाव को कम करने के लिए नहर के मुख्य गेट को बंद कर दिया गया है। हालांकि, गेट काफी दूरी पर होने के कारण नहर में पहले से मौजूद पानी का बहाव जारी है। अधिकारियों के अनुसार टूटे हिस्से को बंद करने के लिए मिट्टी मंगाई जा रही है, लेकिन लगातार बारिश के कारण पर्याप्त मिट्टी उपलब्ध कराने में कठिनाई हो रही है।
वहीं ग्रामीणों ने विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस स्थान पर बांध टूटा है, उसके नीचे से पुल के रास्ते दक्षिण से उत्तर की ओर पानी का प्राकृतिक बहाव होता है। यदि केवल मिट्टी भरकर बांध बंद किया गया तो दक्षिण दिशा का पानी निकल नहीं पाएगा और आसपास के गांवों में जलभराव की स्थिति और गंभीर हो जाएगी।
मौके पर मौजूद ग्रामीण पंकज कुमार राय, धनंजय कुमार राय, शैलेश कुमार राय, राकेश कुमार राय, साधु कुमार राय, दुर्गेश कुमार यादव, मनजीत कुमार यादव, अभिषेक कुमार यादव, विवेक कुमार, धीरज कुमार राय, राहुल यादव, गोलू कुमार यादव, कुंदन कुमार यादव, विनय कुमार यादव समेत अन्य लोगों ने विभागीय अधिकारियों के सामने प्रदर्शन करते हुए प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देने तथा बांध की तत्काल स्थायी मरम्मत कराने की मांग की।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्रशासन ने शीघ्र प्रभावी कदम नहीं उठाए तो बड़े पैमाने पर खेती और जनजीवन प्रभावित हो सकता है।










