पटना:बांकीपुर उपचुनाव में अपेक्षित परिणाम नहीं मिलने के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) में हार के कारणों को लेकर मंथन शुरू हो गया है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी बुधवार को अचानक भाजपा के प्रदेश कार्यालय पहुंचे, जहां पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ बंद कमरे में महत्वपूर्ण बैठक हुई।
प्रदेश अध्यक्ष समेत कई वरिष्ठ नेता रहे मौजूद
बैठक में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी समेत संगठन के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और बड़े नेता मौजूद रहे। मुख्यमंत्री के अचानक प्रदेश कार्यालय पहुंचने और वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक करने को राजनीतिक तौर पर काफी अहम माना जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, बैठक में बांकीपुर उपचुनाव के नतीजों की विस्तार से समीक्षा की गई। पार्टी नेताओं ने चुनाव में मिली हार के संभावित कारणों पर चर्चा करते हुए संगठन और चुनावी रणनीति के स्तर पर हुई कमियों को समझने की कोशिश की।
बूथ स्तर तक की गई समीक्षा
बैठक में बूथ स्तर पर पार्टी के प्रदर्शन, वोटों के अंतर और चुनावी रणनीति की समीक्षा किए जाने की बात सामने आ रही है। इसके अलावा चुनाव के दौरान कार्यकर्ताओं की सक्रियता, संगठन की तैयारियों और मतदाताओं तक पहुंच बनाने की रणनीति पर भी चर्चा हुई।
भाजपा नेतृत्व यह जानने की कोशिश कर रहा है कि मजबूत संगठनात्मक आधार के बावजूद बांकीपुर में अपेक्षित परिणाम क्यों नहीं मिल सका। पार्टी आने वाले चुनावों को देखते हुए इस हार से सबक लेकर संगठन को और मजबूत करने की रणनीति पर भी विचार कर रही है।
हार के कारणों पर BJP की नजर
बांकीपुर के नतीजे के बाद भाजपा के भीतर शुरू हुआ यह मंथन आने वाले दिनों में पार्टी की रणनीति के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैठक में सामने आए फीडबैक के आधार पर संगठनात्मक स्तर पर बदलाव या नई रणनीति को लेकर भी आगे फैसला लिया जा सकता है।










