■ कार पर लगा था ‘Government of India’ का बोर्ड, मोबाइल में मिला कथित सरकारी पहचान पत्र; विदेशी शराब, लैपटॉप, ATM और क्रेडिट कार्ड समेत कई संदिग्ध सामान बरामद
News4Bihar | खगड़िया। बिहार के खगड़िया जिले में पुलिस ने खुद को IAS अधिकारी बताने वाले एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान मनीष गुप्ता के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी निजी वाहन पर ‘Government of India’ का साइन बोर्ड लगाकर घूमता था और खुद को IAS अधिकारी बताकर लोगों पर प्रभाव जमाने की कोशिश करता था।खगड़िया पुलिस को मिली सूचना के आधार पर DIU और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने आरोपी के मकान पर छापेमारी की। तलाशी के दौरान पुलिस ने दो लग्जरी वाहनों समेत कई संदिग्ध सामान बरामद किए हैं।
मोबाइल में मिला कथित सरकारी पहचान पत्र
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपने मोबाइल फोन में ‘मनीष कुमार, सेंट्रल सतर्कता आयोग’ के नाम से बना एक कथित पहचान पत्र दिखाया। पुलिस इस पहचान पत्र की सत्यता की जांच कर रही है।पुलिस के अनुसार, आरोपी ने खुद को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का अंडरकवर एजेंट होने का दावा भी किया। हालांकि, प्रारंभिक पुलिस सत्यापन में यह दावा प्रथम दृष्टया फर्जी पाया गया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है।
Tesla समेत दो लग्जरी वाहन बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस को आरोपी के परिसर से Tesla की FSD कार और एक SUV मिली। दोनों वाहनों पर कथित सरकारी पहचान से संबंधित बोर्ड लगे होने की बात सामने आई है।पुलिस ने वाहनों के दस्तावेज, स्वामित्व और उन पर लगाए गए कथित सरकारी बोर्ड की वैधता की जांच शुरू कर दी है।
विदेशी शराब और कई बैंक कार्ड भी बरामद
तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से विदेशी शराब की बोतलें, लैपटॉप, कई ATM कार्ड और अलग-अलग बैंकों के 20 क्रेडिट कार्ड समेत अन्य सामान बरामद किया।इसके अलावा पुलिस को बारहसिंघा के दो सींग भी मिले हैं। बरामद सभी वस्तुओं को पुलिस ने जब्त कर जांच के लिए गोगरी थाना लाया है।
ठगी और सरकारी पहचान के दुरुपयोग की जांच
गोगरी एसडीपीओ के अनुसार, खगड़िया एसपी के निर्देश पर DIU की टीम ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर आरोपी के मकान की तलाशी ली। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने कथित फर्जी सरकारी पहचान का इस्तेमाल कर किसी व्यक्ति से ठगी की है या किसी अन्य गैरकानूनी गतिविधि में इसका इस्तेमाल किया गया।
जांच के दौरान जब्त वाहनों के दस्तावेज, उनके स्वामित्व, कथित सरकारी पहचान पत्र और ‘Government of India’ बोर्ड के इस्तेमाल समेत सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।










