विश्व स्तनपान सप्ताह पर सीएचसी में कार्यक्रम आयोजित 

■ स्तनपान से ही स्वस्थ बचपन की मजबूत नींव : डॉ कविता सिंह

News4Bihar: 1 से 7 अगस्त तक विश्व स्तनपान सप्ताह के तहत गुरुवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मशरक में प्रभारी डॉ अनंत नारायण कश्यप की अध्यक्षता में लेबर वार्ड में महिलाओं के बीच जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।जिसमें गर्भवती एवं प्रसूता महिला को नवजात शिशुओं के लिए स्तनपान के महत्व की जानकारी दिया गया। उन्हें जन्म के तुरंत बाद शिशु को मां का दूध पिलाने के लिए प्रेरित किया गया। इस दौरान अस्पताल में भर्ती महिलाओं और उनके परिजन ने भी कार्यक्रम में भाग लेकर विशेषज्ञ चिकित्सकों से आवश्यक जानकारी लिया। महिला चिकित्सक डॉ कविता सिंह ने बताया कि मां का पहला गाढ़ा पीला दूध (कोलोस्ट्रम) नवजात के लिए अमृत के समान होता है। यह शिशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के साथ संक्रमण, कुपोषण और कई गंभीर बीमारियों से सुरक्षा प्रदान करता है। वहीं, उन्होंने स्तनपान नहीं कराने या देर से शुरू करने पर नवजात के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को भी विस्तार से बताया। प्रभारी डॉ अनंत नारायण कश्यप ने महिलाओं को स्तनपान की वैज्ञानिक उपयोगिता और स्वास्थ्य संबंधी लाभों की विस्तार से जानकारी दिया। चिकित्सक डॉ एस के विधार्थी ने कहा कि शिशु के जन्म के पहले घंटे के भीतर स्तनपान शुरू कर देना चाहिए। जन्म से छह माह तक बच्चे को केवल मां का दूध ही देना चाहिए। इस अवधि में पानी, शहद, घुट्टी या अन्य किसी प्रकार का खाद्य पदार्थ देने की आवश्यकता नहीं होती। बताया कि छह माह बाद पूरक आहार शुरू करने के साथ कम से कम दो वर्ष अथवा उससे अधिक समय तक स्तनपान जारी रखना बच्चे के शारीरिक, मानसिक एवं बौद्धिक विकास के लिए अत्यंत लाभकारी है। साथ ही इससे मां के स्वास्थ्य को भी लाभ मिलता है और कई बीमारियों का खतरा कम होता है। मौके पर स्वास्थ्य प्रबंधक अमित कुमार, महिला स्वास्थ्य कर्मी गीता देवी, पूजा मणी समेत अन्य मौजूद रहें।