●शिशुओं को पहले छः माह तक केवल सिर्फ स्तनपान कराने की दी जा रही जानकारी
●माँ का दूध शिशु का पहला टीका है जो बच्चों को कुपोषण, डायरिया और निमोनिया से सुरक्षित करता है : डीपीओ
● दूध पिलाने वाली 72% माताओं को बीमारी का खतरा कम होता है
न्यूज़4बिहार | रूपेश मिश्रा | कटिहार जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में माँ और शिशु के बेहतर स्वास्थ्य के लिए स्तनपान सप्ताह मनाते हुए दोनों को सुरक्षित रखने का अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में धात्री महिलाओं को नवजात शिशु को अगले छः महीने तक केवल नियमित स्तनपान कराने के लिए जागरूक किया जा रहा है। इसके लिए कटिहार जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में 01 अगस्त से 07 अगस्त तक विश्व स्तनपान सप्ताह का आयोजन आयोजित किया जा रहा है। नवजात शिशुओं के नियमित स्तनपान कराने से माँ और नवजात शिशु बिल्कुल स्वस्थ्य रहेंगे और वे सभी परेशानी से सुरक्षित रखेंगे की जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है।
माँ का दूध शिशु का पहला टीका है जो बच्चों को कुपोषण, डायरिया और निमोनिया से सुरक्षित करता है : डीपीओ
कटिहार आईसीडीएस जिला प्रोग्राम पदाधिकारी (डीपीओ) कुमारी पूर्णिमा ने बताया कि नवजात शिशु को स्वस्थ्य और सुरक्षित रखने के लिए उन्हें माँ का दूध पिलाना आवश्यक है। माँ का दूध शिशु का पहला टीका होता है जो उन्हें कुपोषण, डायरिया और निमोनिया जैसे गंभीर बीमारियों से सुरक्षित रखता है। इसके लिए नवजात शिशु को जन्म के 01 घंटे के अंदर माँ का पहला पीला दूध ”कोलोस्ट्रम” पिलाना चाहिए। इसके बाद नवजात शिशु को अगले 06 महीने तक सिर्फ स्तनपान कराना चाहिए। इस दौरान शिशु को पानी, घुट्टी, शहद या गाय-भैस का दूध नहीं देना चाहिए।स्तनपान कराने वाली माँ को पुरा आराम करना चाहिए। इस दौरान माँ को अच्छा खाना का सेवन करना चाहिए ताकि स्तनपान सुरक्षित हो सके और नवजात शिशु स्वस्थ्य हो सके। छः महीने के बाद शिशु को अगले 02 साल तक माँ का दूध के साथ साथ ऊपरी आहार देना चाहिए जिससे माँ और शिशु बिल्कुल स्वस्थ्य और तंदुरुस्त रहें।
दूध पिलाने वाली 72% माताओं को गम्भीर बीमारी का खतरा कम रहता है,










