News4Bihar | रूपेश मिश्रा, कटिहार। कटिहार जिले के इतिहास, संस्कृति, भूगोल और विकास की समृद्ध तस्वीर अब गजेटियर के रूप में दस्तावेजीकृत होने जा रही है। जिले का पहला गजेटियर प्रकाशित करने की दिशा में जिला प्रशासन ने प्रक्रिया तेज कर दी है।
शनिवार को समाहरणालय सभागार में जिला पदाधिकारी आशुतोष द्विवेदी की अध्यक्षता में गजेटियर कमिटी की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों से प्राप्त सूचनाओं, तथ्यों और आंकड़ों की समीक्षा की गई। इस दौरान गजेटियर का ड्राफ्ट भी समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
डीएम ने सभी संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे दो सप्ताह के भीतर अपने-अपने विभाग से संबंधित आंकड़ों और तथ्यों की गहन समीक्षा कर आवश्यक सुधार करें और संशोधित पांडुलिपि सामान्य प्रशाखा में उपलब्ध कराएं।
ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण तथ्यों को किया जाएगा शामिल
जिला पदाधिकारी ने कहा कि गजेटियर में कटिहार जिले के ऐतिहासिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, भौगोलिक और विकासात्मक पहलुओं का तथ्यात्मक एवं अद्यतन विवरण शामिल किया जाना है। उन्होंने जिले से जुड़े महत्वपूर्ण और रोचक तथ्यों को भी इसमें शामिल करने का निर्देश दिया।
डीएम ने आम लोगों से भी अपील की कि कटिहार से संबंधित ऐतिहासिक एवं पौराणिक स्थलों, स्थानीय संस्कृति, महत्वपूर्ण दस्तावेज, पुराने एवं दुर्लभ फोटो, लिखित साक्ष्य तथा प्रमुख घटनाओं से जुड़े प्रमाण यदि किसी के पास उपलब्ध हों, तो उन्हें सामान्य प्रशाखा में जमा कराया जाए।
विकास कार्यों का भी होगा उल्लेख
बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान जिले में हुए महत्वपूर्ण विकासात्मक कार्यों और प्रमुख बदलावों को भी गजेटियर में समुचित रूप से शामिल करने का निर्देश दिया गया। इसका उद्देश्य कटिहार की वर्तमान प्रगति, उपलब्धियों और विकास की यात्रा का एक तथ्यात्मक एवं प्रमाणिक दस्तावेज तैयार करना है।
बैठक में एडीएम कटिहार, वरीय उपसमाहर्तागण, जिला स्तरीय पदाधिकारी तथा गजेटियर कमिटी के अन्य सदस्य मौजूद रहे।
खास बात: कटिहार का यह पहला गजेटियर जिले के इतिहास से लेकर वर्तमान विकास तक की महत्वपूर्ण जानकारियों को एक जगह समेटने वाला महत्वपूर्ण दस्तावेज साबित हो सकता है।










