● भव्या पोर्टल से डिजिटल होगी इलाज की पूरी प्रक्रिया, हर मरीज की बनेगी आभा आईडी
News4Bihar | छपरा। स्वास्थ्य सेवाओं को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में बिहार स्वास्थ्य विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। अब जिले के सदर अस्पताल, अनुमंडलीय अस्पताल, रेफरल अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में आने वाले इमरजेंसी मरीजों का भी भव्या पोर्टल पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा। साथ ही प्रत्येक मरीज की आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (आभा) आईडी बनाई जाएगी और उसका इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड (EHR) तैयार किया जाएगा।इस नई व्यवस्था के तहत मरीजों का पूरा इलाज, जांच रिपोर्ट, दवाओं का विवरण और मेडिकल हिस्ट्री डिजिटल रूप से सुरक्षित रहेगी। जरूरत पड़ने पर मरीज अपने मोबाइल के माध्यम से देश के किसी भी सरकारी अस्पताल में यह रिकॉर्ड डॉक्टरों के साथ साझा कर सकेंगे।
इलाज की पूरी प्रक्रिया होगी ऑनलाइन
स्वास्थ्य विभाग के निर्देशानुसार अब केवल ओपीडी ही नहीं, बल्कि इमरजेंसी, दुर्घटना, भर्ती मरीजों और वार्ड में भर्ती प्रत्येक मरीज के इलाज की पूरी प्रक्रिया भव्या पोर्टल पर दर्ज की जाएगी। इसमें पंजीकरण, डॉक्टर का परामर्श, नर्सिंग वाइटल, पैथोलॉजी जांच, एक्स-रे, रेडियोलॉजी, दवा वितरण और डिस्चार्ज तक की सभी जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध रहेगी।
हर भर्ती मरीज की बनेगी आभा आईडी
जिला स्वास्थ्य समिति के डीपीएम अरविन्द कुमार ने बताया कि प्रत्येक भर्ती मरीज की आभा आईडी बनाकर उसका इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। इससे भविष्य में किसी भी सरकारी अस्पताल में इलाज के दौरान डॉक्टर मरीज के पुराने इलाज, जांच रिपोर्ट और दवाओं की जानकारी तुरंत देख सकेंगे, जिससे बेहतर और तेज उपचार संभव होगा।
अस्पतालों की व्यवस्था भी होगी डिजिटल
भव्या पोर्टल पर अस्पतालों के बेड की उपलब्धता, डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की ड्यूटी रोस्टर तथा विशेषज्ञ चिकित्सकों की जानकारी भी ऑनलाइन उपलब्ध रहेगी। इससे मरीजों को पहले से पता चल सकेगा कि किस अस्पताल में कौन-सा विशेषज्ञ मौजूद है और कहां बेड उपलब्ध है।
ओपीडी मरीजों की भी बनेगी 100% आभा आईडी
स्वास्थ्य विभाग ने सभी सरकारी अस्पतालों के ओपीडी में आने वाले प्रत्येक मरीज की भी शत-प्रतिशत आभा आईडी बनाने और उसका डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
आभा आईडी के प्रमुख फायदे
- मोबाइल पर सुरक्षित रहेगा पूरा स्वास्थ्य रिकॉर्ड।
- डॉक्टर और अस्पताल के साथ तुरंत रिकॉर्ड साझा करने की सुविधा।
- क्यूआर कोड स्कैन कर ऑनलाइन ओपीडी पंजीकरण।
- टेली-कंसल्टेशन के माध्यम से ऑनलाइन चिकित्सकीय परामर्श।
- कागजरहित और पारदर्शी स्वास्थ्य सेवाएं।
- इलाज में समय की बचत और बेहतर सुविधा।
क्या है भव्या पोर्टल?
भव्या (BHAVYA) पोर्टल बिहार सरकार का डिजिटल हेल्थ प्लेटफॉर्म है, जिसके माध्यम से सरकारी अस्पतालों में मरीजों के पंजीकरण, उपचार, जांच, दवा वितरण, भर्ती और डिस्चार्ज सहित पूरी स्वास्थ्य सेवा को ऑनलाइन दर्ज किया जाता है। इसका उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और मरीज-केंद्रित बनाना है।










