News4Bihar | भागलपुर विभाग न्यायालय के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश 11 ज्योति कुमारी कश्यप की अदालत में तातारपुर थाना क्षेत्र के काज वाली चक बम ब्लास्ट मामले में हबीबपुर के चमेली चक निवासी मोहम्मद आजाद और काजवली चक निवासी नवीन मंडल को दोषी करार देते हुए 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। वही मामले में आरोपित आशीष कुमार गुप्ता, अशोक मंडल उर्फ गुड्डू और धनंजय मंगल को साक्ष्यों के आधार पर बरी कर दिया है।
अदालत ने दोनों दोषियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 304 के तहत 9 वर्ष के सश्रम कारावास और ₹10000 अर्थ दंड की सजा सुनाई है, अर्थ दंड की राशि नहीं देने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतनी होगा। इसके अलावा विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धाराओं तीन, चार और पांच के तहत दोनों अभियुक्त को 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास तथा ₹10000 के अर्थ दंड भी दंडित किया गया है, अदालत ने अपने आदेश में कहा कि सभी सजाएं साथ-साथ चलेगी, मामले में सरकार की ओर से अपर लोग अभियोजक हेमकांत झा ने पैरवी की।
यह मामला तीन मार्च 2022 को तातारपुर थाना क्षेत्र के काजवली चक स्थित एक भवन में हुए भीषण बम विस्फोट से जुड़ा है इस हादसे में 14 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी। जबकि एक घायल ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। इसके अलावा 10 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे यह घटना बिहार के सबसे बड़े बम विस्फोट मामलों में गिनी जाती है।










