राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारी तेज, सुलहनीय वादों के त्वरित निष्पादन पर जोर

राजेश मिश्रा | News4Bihar | औरंगाबाद  : आगामी 12 सितंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता को लेकर सोमवार को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष राजीव रंजन कुमार की अध्यक्षता में अभियोजन पदाधिकारियों के साथ बैठक हुई। इसमें अधिकाधिक सुलहनीय एवं समझौते योग्य मामलों के त्वरित निष्पादन की रणनीति पर चर्चा की गई।बैठक में जिला अभियोजन पदाधिकारी दीपक कुमार सिन्हा, सहायक अभियोजन पदाधिकारी संजय सिंह समेत अन्य अभियोजन पदाधिकारी तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव तान्या पटेल मौजूद रहीं।प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने निर्देश दिया कि सुलह योग्य मामलों की प्राथमिकता के आधार पर पहचान कर उन्हें राष्ट्रीय लोक अदालत में सूचीबद्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि जिन मामलों में अब तक आरोप-पत्र दाखिल नहीं हुआ है, उनमें अनुसंधान पदाधिकारियों से समन्वय स्थापित कर शीघ्र आरोप-पत्र समर्पित कराया जाए, ताकि उनका निष्पादन लोक अदालत में किया जा सके।

सचिव तान्या पटेल ने कहा कि लोक अदालत की सफलता के लिए केवल मामलों की पहचान ही नहीं, बल्कि पक्षकारों को सुलह के लाभों से अवगत कराना और सभी संबंधित विभागों के बीच प्रभावी समन्वय भी जरूरी है। उन्होंने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकार लगातार न्यायिक, अभियोजन एवं पुलिस अधिकारियों के साथ बैठकें कर तैयारियों की समीक्षा कर रहा है तथा व्यापक स्तर पर विधिक जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है।बैठक में लंबित सुलहनीय मामलों की समीक्षा, संबंधित न्यायालयों व अनुसंधान पदाधिकारियों के साथ समन्वय तथा निर्धारित तिथि से पहले सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करने पर विशेष जोर दिया गया। अंत में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने सभी अभियोजन पदाधिकारियों से राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने में सक्रिय सहयोग देने का आह्वान किया।