- आंगनबाड़ी केंद्रों से 3–4 हजार रुपये कथित वसूली, किराये के भुगतान और बच्चों के दूध को लेकर भी उठाए सवाल।
मढ़ौरा (सारण)। मढ़ौरा प्रखंड की आंगनबाड़ी व्यवस्था को लेकर सलिमापुर पंचायत के पूर्व मुखिया मुन्ना ठाकुर ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने मढ़ौरा की सीडीपीओ विनीता भारती और एलएस की कथित मिलीभगत का आरोप लगाते हुए जिला पदाधिकारी, सारण को लिखित आवेदन देकर पूरे मामले की बिंदुवार जांच कराने तथा दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई की मांग की है।
पूर्व मुखिया का आरोप है कि मढ़ौरा प्रखंड के विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों से कथित तौर पर 3 से 4 हजार रुपये तक की राशि ली जाती है। उनका दावा है कि इस संबंध में उनके पास एक ऑडियो भी सुरक्षित है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
किराये के भुगतान पर भी सवाल
मुन्ना ठाकुर ने आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन के लिए किए जाने वाले किराये के भुगतान में भी कथित अनियमितता का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि कुछ स्थानों पर नियमों के विपरीत व्यवस्था कर किराये की राशि उपलब्ध कराए जाने का मामला जांच का विषय है।
बच्चों के दूध को लेकर भी गंभीर आरोप
शिकायत में बच्चों के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों पर उपलब्ध कराए जाने वाले दूध के पैकेट को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पूर्व मुखिया ने आरोप लगाया है कि दूध के पैकेट का कथित तौर पर गलत तरीके से उपयोग अथवा बिक्री की जा रही है। उन्होंने प्रशासन से इस पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है।
क्या होगी निष्पक्ष जांच?
अब इस शिकायत के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या जिला प्रशासन इन आरोपों की निष्पक्ष और बिंदुवार जांच कराएगा? क्या कथित ऑडियो, आंगनबाड़ी केंद्रों के किराये से संबंधित दस्तावेज और दूध वितरण से जुड़े रिकॉर्ड की जांच होगी? और यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो जिम्मेदार लोगों पर क्या कार्रवाई होगी?
सीडीपीओ का पक्ष जानने का प्रयास
इन आरोपों को लेकर News4Bihar की टीम ने मढ़ौरा की सीडीपीओ विनीता भारती से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया। उनके सरकारी और निजी मोबाइल नंबर पर संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी।
News4Bihar इस मामले में सीडीपीओ अथवा संबंधित विभाग का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित करेगा।
फिलहाल मामला जिला प्रशासन के समक्ष शिकायत के रूप में पहुंच चुका है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस शिकायत पर क्या कदम उठाता है और जांच में इन आरोपों की वास्तविकता क्या सामने आती है।










