जेपी यूनिवर्सिटी में छात्रों की आवाज़ दबाने और ‘छात्र युवा संसद’ को सांप्रदायिक रंग देने की साजिश का आइसा ने किया पर्दाफास

News4Bihar | छपरा: जयप्रकाश विश्वविद्यालय (जेपी यूनिवर्सिटी) में विगत 19 अगस्त को छात्र संगठन आइसा (AISA) द्वारा आयोजित ‘छात्र युवा संसद’ की सफलता और उसमें उमड़े छात्रों के जनसैलाब से घबराकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) और विश्वविद्यालय प्रशासन घटिया राजनीति पर उतर आए हैं। आइसा के जिला अध्यक्ष कुणाल कौशिक ने एक बयान जारी कर एबीवीपी द्वारा कार्यक्रम में बजाए गए फैज अहमद फैज के विश्वप्रसिद्ध क्रांतिकारी नज़्म “हम देखेंगे” पर जताई गई आपत्ति को पूरी तरह से भ्रामक, अनर्गल और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाली साजिश करार दिया है।

कुणाल कौशिक ने स्पष्ट किया कि 1979 में प्रसिद्ध शायर फैज अहमद फैज द्वारा लिखी गई और 1986 में इकबाल बानो द्वारा गाई गई यह नज़्म दुनिया भर में तानाशाही और सत्ता के अन्याय के खिलाफ क्रांति तथा प्रतिरोध का प्रतीक है। इस नज़्म की पंक्तियों (“बस नाम रहेगा अल्लाह का…”) को तोड़-मरोड़ कर पेश करना और इसे धार्मिक कोण देना एबीवीपी, भाजपा और आरएसएस की छात्र विरोधी तथा हिंदू-मुस्लिम विभाजनकारी राजनीति का प्रत्यक्ष उदाहरण है।

Aisa जिला सचिव विकाश ने कहा (जेपी यूनिवर्सिटी) में आयोजित ‘छात्र युवा संसद’ में गूंजे फैज अहमद फैज के विश्वप्रसिद्ध तराने को लेकर जारी विवाद पर आइसा के जिला सचिव ने सख्त रुख अपनाया है। आइसा जिला सचिव ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि एबीवीपी और उनके नेता धर्म का चश्मा उतारकर विश्वविद्यालय के प्रांगण में आएं और उन हजारों परेशान छात्रों से बात करें जो वर्षों से अपनी डिग्री, पेंडिंग रिजल्ट और लेट- सत्र (Session Delay) के लिए दर-दर भटक रहे हैं।

आइसा नेताओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन और जिला प्रशासन के सामने निम्नलिखित मुख्य बिंदु एवं मांगे रखीं:

छात्र मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास: जेपी यूनिवर्सिटी में 2018-2020 सत्र के पास-आउट छात्रों को अब तक डिग्री न मिलना, 500 अंक की परीक्षा में 900 अंक दे दिया जाना, और प्रथम सेमेस्टर के अंकपत्रों पर तीसरे सेमेस्टर का अंक दर्ज होना जैसी भारी प्रशासनिक धांधलियां व्याप्त हैं। एबीवीपी इन वास्तविक समस्याओं पर मौन रहकर केवल सांप्रदायिक उन्माद फैलाने का काम कर रही है।, आपसी भाईचारे और एकता को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करने वाले एबीवीपी के नेताओं पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

छात्रों को बांटने और असली मुद्दों से ध्यान भटकाने वाली ताकतों के बहकावे में न आएं। आइसा हर छात्र के अधिकार, पारदर्शी शिक्षा व्यवस्था और बेहतर भविष्य के लिए सड़क से लेकर प्रशासनिक गलियारों तक अपनी लड़ाई पूरी मजबूती से रखेगा