उर्वरक की कालाबाजारी पर सख्ती, किसानों को निर्धारित दर पर खाद उपलब्ध कराने के निर्देश।

News4Bihar | रूपेश मिश्रा (कटिहार) : जिले में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता, निर्धारित मूल्य पर बिक्री और कालाबाजारी रोकने को लेकर जिला कृषि पदाधिकारी राजीव कुमार की अध्यक्षता में सभी उर्वरक कंपनियों के क्षेत्रीय प्रबंधकों के साथ बैठक हुई।

बैठक में यूरिया, डीएपी, एमओपी और एनपीके की प्रखंडवार एवं फसलवार मांग के अनुसार पर्याप्त और समयबद्ध आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। आगामी जरूरत को देखते हुए अग्रिम स्टॉक रखने तथा रैक प्वाइंट, डिस्पैच और संभावित आगमन की सूचना जिला कृषि कार्यालय को समय पर देने को कहा गया।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि उर्वरक की बिक्री निर्धारित एमआरपी से अधिक कीमत पर नहीं होगी और खाद के साथ किसी अन्य उत्पाद की जबरन बिक्री पर रोक रहेगी। प्रत्येक बिक्री पर किसानों को बिल/रसीद देना और पीओएस मशीन से पारदर्शी बिक्री सुनिश्चित करना अनिवार्य किया गया है। खुदरा दुकानों पर स्टॉक एवं मूल्य सूची प्रदर्शित करने का भी निर्देश दिया गया।

कंपनी प्रतिनिधियों को रिटेलरवार स्टॉक की निगरानी, कालाबाजारी या संदिग्ध स्टॉक की सूचना तत्काल विभाग को देने तथा अमानक उर्वरक की आपूर्ति रोकने को कहा गया। पीओएस मशीन खराब होने पर तत्काल तकनीशियन से दुरुस्त कराने का निर्देश भी दिया गया।

बैठक में किसानों को मृदा परीक्षण के आधार पर संतुलित एनपीके उर्वरक के उपयोग के लिए जागरूक करने, प्रत्येक कंपनी द्वारा नोडल अधिकारी नियुक्त करने और शिकायतों के त्वरित समाधान की व्यवस्था करने पर जोर दिया गया। सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध उर्वरक की आवक रोकने तथा जिले में खाद की उपलब्धता और वितरण की साप्ताहिक समीक्षा करने का निर्णय लिया गया। कंपनियों से आगामी 15 दिनों की आपूर्ति, उपलब्ध स्टॉक एवं प्रखंडवार आपूर्ति योजना भी मांगी गई।