News4Bihar | सीवान: भगवानपुर हाट प्रखंड की बलहाँ एराजी पंचायत में मनरेगा एवं ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं में करीब एक करोड़ रुपये की कथित वित्तीय अनियमितता का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी, डीडीसी और बीडीओ को आवेदन दिया गया है। आवेदन सहसा गांव निवासी संजय प्रसाद ने दिया है। उन्होंने पूरे मामले की जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
आवेदन में पंचायत की मुखिया पम्मी कुमारी के जेठ अवधेश कुमार पाण्डेय, पंचायत सचिव और पंचायत रोजगार सेवक (पीआरएस) पर मिलीभगत कर योजनाओं में कथित अनियमितता किए जाने का आरोप लगाया गया है। आवेदक का दावा है कि कई योजनाओं में बिना पर्याप्त कार्य कराए राशि की निकासी की गई तथा कुछ योजनाओं में एक ही परिवार के कई सदस्यों के नाम का इस्तेमाल कर भुगतान उठाने की शिकायत है।
बिना काम राशि निकासी का आरोप
आवेदन के अनुसार पंचायत में वृक्षारोपण, सड़क मिट्टीकरण, पोखरा खुदाई, जल-जीवन-हरियाली के तहत कुआं जीर्णोद्धार, पीसीसी समेत विभिन्न योजनाओं में अनियमितता का आरोप है। आवेदक ने इन योजनाओं का भौतिक सत्यापन कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जांच होने पर जमीनी स्थिति और सरकारी अभिलेखों में दर्ज कार्यों के बीच अंतर सामने आ सकता है।
आवेदक ने पंचायत संचालन को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि निर्वाचित मुखिया पम्मी कुमारी के स्थान पर उनके जेठ अवधेश कुमार पाण्डेय पंचायत के कामकाज में सक्रिय भूमिका निभाते हैं। आवेदन में यह भी दावा किया गया है कि सरकारी कागजात पर मुखिया के हस्ताक्षर को लेकर भी अनियमितता की गई है। इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
स्थानीय प्रभाव का भी लगाया आरोप
आवेदन में अवधेश कुमार पाण्डेय को स्थानीय सांसद का प्रतिनिधि बताते हुए आरोप लगाया गया है कि उनके प्रभाव के कारण प्रखंड स्तर के अधिकारियों की ओर से कथित अनियमितताओं पर कार्रवाई नहीं की गई। आवेदक ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वाले लोगों पर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
बीडीओ ने जांच के लिए भेजा आवेदन
इस संबंध में भगवानपुर हाट की बीडीओ प्रियंका कुमारी ने बताया कि आवेदन प्राप्त होने के बाद जांच के लिए संबंधित पदाधिकारी को भेज दिया गया है। जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।
नोट: पंचायत में करीब एक करोड़ रुपये के घोटाले और अन्य आरोप फिलहाल शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए हैं। आधिकारिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही इन आरोपों की पुष्टि हो सकेगी।










