Bihar Assembly: विधानसभा में 13 बिल पास, पेपर लीक गिरोह और भू-माफिया पर लगेगा CCA, सोशल मीडिया पर गाली देने पर जेल

Bihar Monsoon Session: बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान बुधवार को अपराध नियंत्रण, उच्च शिक्षा, नगर विकास, पंचायतों के वित्तीय अधिकार और स्टाम्प कानून से जुड़े 13 महत्वपूर्ण विधेयक पारित किए गए। इन विधेयकों के पारित होने के बाद राज्य में पेपर लीक गिरोह, भू-माफिया और संगठित अपराध से जुड़े लोगों पर सख्त कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है।

पेपर लीक गिरोह और भू-माफिया पर होगी सख्त कार्रवाई

सदन ने बिहार अपराध नियंत्रण (संशोधन) विधेयक, 2026 को मंजूरी दे दी है। नए प्रावधानों के तहत संगठित अपराध, भू-माफिया, पेपर लीक गिरोह, विस्फोटक से जुड़े अपराध, वन संपदा की तस्करी और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ CCA (Crime Control Act) के तहत कार्रवाई की जा सकेगी।

सरकार का कहना है कि इन संशोधनों का उद्देश्य संगठित अपराध और राज्य में कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बने अपराधी गिरोहों पर प्रभावी ढंग से शिकंजा कसना है।

सोशल मीडिया पर गाली-गलौच और अभद्र टिप्पणी करने पर जेल

नए प्रावधानों के तहत इंटरनेट और सोशल मीडिया पर किसी व्यक्ति के खिलाफ अभद्र भाषा, गाली-गलौच या अपमानजनक टिप्पणी करना भी भारी पड़ सकता है। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने पर 6 महीने से लेकर 1 साल तक की सजा का प्रावधान किया गया है।

सरकार का कहना है कि सोशल मीडिया के बढ़ते दुरुपयोग को रोकने और सार्वजनिक संवाद में मर्यादा बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है।

बिहार में ही बेहतर उच्च शिक्षा की तैयारी

विधानसभा में निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक को भी मंजूरी दी गई। इस पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य बिहार में ऐसी बेहतर उच्च शिक्षा व्यवस्था विकसित करना है, जिससे राज्य के छात्रों को पढ़ाई के लिए दूसरे राज्यों का रुख न करना पड़े।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के माध्यम से हर साल बड़ी राशि राज्य से बाहर चली जाती है। सरकार अब बिहार में ही उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दे रही है।

नए प्रावधानों के अनुसार, यदि कोई प्रायोजक संस्था भवन और आवश्यक बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराने का लिखित आश्वासन देती है, तो उसे एक शैक्षणिक सत्र के लिए अस्थायी संचालन की अनुमति दी जा सकेगी। निर्धारित समय सीमा में आवश्यक शर्तें पूरी नहीं होने पर यह अनुमति स्वतः समाप्त हो जाएगी।

स्टाम्प ड्यूटी चोरी करने वालों पर लगेगा भारी जुर्माना

भारतीय स्टाम्प (बिहार संशोधन) विधेयक के पारित होने के बाद संपत्ति का वास्तविक मूल्य छिपाकर कम स्टाम्प शुल्क देने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।

नए प्रावधानों के तहत बकाया स्टाम्प शुल्क के बराबर जुर्माना लगाया जा सकेगा। रजिस्ट्री अधिकारियों को जमीन के बाजार मूल्य की जांच करने का अधिकार भी दिया गया है।

इसके अलावा, अपने कर्तव्यों में लापरवाही बरतने वाले निबंधन अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई का प्रावधान किया गया है।

इन क्षेत्रों में भी होंगे अहम बदलाव

विधानसभा से पारित 13 विधेयकों में नगर विकास, पंचायतों के वित्तीय अधिकार, निजी एवं विशिष्ट विश्वविद्यालयों की स्थापना और स्टाम्प कानून से जुड़े महत्वपूर्ण संशोधन शामिल हैं।

सरकार का दावा है कि इन कानूनों से राज्य में कानून-व्यवस्था मजबूत होगी, उच्च शिक्षा का विस्तार होगा और प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी।