पटना: राज्य सरकार ने जनजातीय समुदाय के विद्यार्थियों की शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मंत्रिमंडल की स्वीकृति के बाद धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत बिहार के आठ जिलों में 19 छात्रावासों का निर्माण कराया जाएगा।
इस महत्वाकांक्षी योजना पर कुल 60.42 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसमें 6.25 करोड़ रुपये केंद्र सरकार तथा 24.17 करोड़ रुपये राज्य सरकार द्वारा वहन किए जाएंगे।
शिक्षा मंत्री नितीश मिश्र ने जानकारी देते हुए बताया कि **पश्चिम चंपारण, कटिहार, बांका, भागलपुर, जमुई, कैमूर, रोहतास और पूर्णिया** जिलों में 100-100 विद्यार्थियों की क्षमता वाले छात्रावास स्थापित किए जाएंगे। इन छात्रावासों का संचालन **कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय** और **तेजस्वी सुभा चंद बेस छात्रावास** की तर्ज पर किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि छात्रावासों में **15 से 18 वर्ष आयु वर्ग** के विद्यार्थियों को आवास, भोजन तथा अध्ययन की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे दूर-दराज के जनजातीय क्षेत्रों के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि अभियान का उद्देश्य अनुसूचित जनजाति समुदाय के लोगों को **शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक आधारभूत संरचना और आजीविका** के क्षेत्र में बेहतर अवसर उपलब्ध कराना तथा विकास की खाई को कम करना है। यह अभियान भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों के सहयोग से संचालित किया जा रहा है।










