श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर विविध धार्मिक अनुष्ठान, मंदिरों में गूंजे भजन-कीर्तन

एकमा (सारण)। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर गर पंचायत एकमा बाजार व आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में शुक्रवार को विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया। मंदिरों व मठों में श्रद्धालुओं ने पारंपरिक भक्ति और उल्लास के साथ भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया। इस दौरान अखंड अष्टयाम, हवन-पूजन, भजन-कीर्तन व प्रसाद वितरण का आयोजन हुआ।

नगर पंचायत एकमा बाजार के वार्ड संख्या-13 अंतर्गत राजापुर गांव स्थित चौबाह बाबा स्थान परिसर में सामूहिक स्वर में 24 घंटे के सार्वजनिक अखंड अष्टयाम का आयोजन किया गया। धार्मिक एवं सामाजिक अनुष्ठान में क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा गणमान्य लोगों ने भाग लिया। आयोजकों ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य जनकल्याण, क्षेत्र में अमन-चैन तथा सामाजिक सौहार्द और गंगा-जमुनी संस्कृति को मजबूत करना है।

एकमा ब्लॉक रोड स्थित एक घर में बच्चों ने श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की आकर्षक झांकी सजाई। इसमें कृतिका सिंह और उनके छोटे भाई आदर्श ने श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप की झांकी प्रस्तुत की। वहीं गोपाली में श्रीकृष्ण के बाल रुप की झांकी देखने के लिए आसपास के लोगों की भीड़ जुटी।

रात्रि में क्षेत्र के विभिन्न मठ-मंदिरों में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के कार्यक्रम आयोजित किए गए। मध्यरात्रि में श्रीकृष्ण जन्म के बाद श्रद्धालुओं ने सोहर गायन कर खुशियां मनाईं। एकमा और रसूलपुर थाना परिसर के अलावा रेलवे स्टेशन पर तैनात आरपीएफ एवं जीआरपी जवानों ने भी श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया। छपरा सदर एसडीपीओ-2, एकमा प्रेमचंद सिंह ने बताया कि क्षेत्र के विभिन्न स्थानों में पारंपरिक रीति रिवाज के साथ श्री कृष्ण जन्माष्टमी का त्यौहार मनाया गया। विशेष रूप से कोपा थाना क्षेत्र में इस अवसर पर विशेष आयोजन व पूजा-अर्चना संपन्न हुई।

वहीं मांझी प्रखंड के भजौना-नचाप पंचायत अंतर्गत नचाप गांव स्थित श्री दुर्गा-शिव-राम-जानकी-हनुमान मंदिर परिसर में ग्रामीणों के सहयोग से 24 घंटे का सार्वजनिक अखंड अष्टयाम आयोजित किया गया। वैदिक मंत्रोच्चारण व हवन-पूजन के बीच शनिवार को अष्टयाम संपन्न होगा। समापन के बाद श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। नगर पंचायत एकमा बाजार क

के हंसराजपुर स्थित रामजानकी मंदिर परिसर में भी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर भक्तिमय वातावरण में 24 घंटे के अखंड अष्टयाम का शुभारंभ किया गया। परसागढ़ स्थित प्रसादीनाथ मठ सहित क्षेत्र के विभिन्न मंदिरों और घरों में भी जन्माष्टमी का पर्व धूमधाम से मनाया गया।