केरल के वायनाड से इमरान का शव गांव में पहुचते ही मचा कोहराम

◆ भूस्खलन में मलबे से दबने से हुई थी मौत, सेना से रेस्क्यू ऑपरेशन कर शव निकाला था बाहर

 

तरैया,(सारण)। केरल के वायनाड में गत सप्ताह हुई भीषण प्राकृतिक आपदा भूस्खलन के दौरान मलबे में दबकर तरैया के भटगाई गांव निवासी 30 वर्षीय युवक मो इमरान की दर्दनाक मौत हो गई थी। केरल से पांच दिनों के लंबे इंतजार के बाद मृतक का शव शनिवार को दोपहर में उसके पैतृक गांव भटगाई पहुंचा। शव पहुंचते ही घर और पूरे गांव में चीख़-पुकार मच गई। मृतक के दरवाजे पर जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। यह दृश्य देखकर उपस्थित लोगो की आंखे नम हो गई। घटना के बाद से ही परिजन सदमें में थे। परिजनों ने बताया कि इमरान दो माह पूर्व ही केरल के वायनाड में रोजी-रोजगार की तलाश में गया हुआ था। वहां वह एक सड़क निर्माण कंपनी में पोकलेन मशीन चलाने का कार्य करता था। निर्माण कार्य के दौरान भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन में 15 मजदूर मलबे में दब गये थे। सेना व स्थानीय प्रशासन की मदद से चलाए जा रहे रेस्क्यू ऑपरेशन के 48 घंटे बाद 9 जुलाई को मो इमरान के शव को मलबे से बाहर निकाला गया था। जिसके बाद पुलिस ने पोस्टमार्टम एवं कागजी प्रक्रिया पूरी कर शव को परिजनों को सौप दिया। वहीं फ्लाइट से 11 जुलाई को शव पटना भेजा गया, जहां से पैतृक आवास लाया गया। मृतक की पत्नी शबनम खातून अपने छह माह की दुधमुंही बच्ची को लेकर पांच दिनों से बदहवास पड़ी हुई है। वृद्ध माता-पिता और भाइयों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं शव आने की सूचना पर मुखिया ओम प्रकाश कुमार, सरपंच संघ के प्रदेश महासचिव सुनील कुमार तिवारी, प्रखंड प्रमुख प्रतिनिधि धनवीर कुमार सिंह विक्कू, भाजपा नेता शेखर सिंह, बीडीसी प्रतिनिधि मो0 सनाउल्लाह तथा जदयू नेता सुशील सिंह, जिला पार्षद हरि शंकर सिंह, समेत अन्य जनप्रतिनिधियों ने शोकाकुल परिजनों को सांत्वना दी। शाम को जनाजे की नमाज के बाद नम आंखों से गांव के कब्रिस्तान में शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।