News4Bihar | इसुआपुर | स्थानीय थाना क्षेत्र के अचितपुर गांव में एक दिल दहला देने वाली दुस्साहसिक घटना घटित हुई है। जिसमें कथित तौर पर मुंहबोले बेटे ने अपनी सौतेली मां को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया है। घटना शनिवार की देर शाम की बताई जा रही है। मृतका की पहचान अचितपुर गांव के अशोक गिरी की दूसरी पत्नी सबरुन निशा उर्फ सोनी देवी के रूप में हुई है। मृतका के पति द्वारा घटना की प्राथमिकी इसुआपुर थाने में दर्ज कराई गई है। जिसमें 6 लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया गया है। दर्ज प्राथमिकी में कहा गया है कि वे अपनी दूसरी पत्नी शबरुन निशा उर्फ सोनी देवी के साथ अचितपुर गांव स्थित अपने पैतृक आवास के दरवाजे पर बैठकर भूंजा खा रहे थे। इसी बीच वे पानी लाने घर के अंदर चले गए। तभी उनका बड़ा पुत्र मनु गिरी एक अन्य युवक इसुआपुर थाना क्षेत्र के बेला गांव के रघुनाथ महतो के पुत्र मनु कुमार महतो के साथ आया और दरवाजे पर बैठी मेरी पत्नी के सिर के नीचे गोली मार दिया। उसके चिल्लाने पर जब मैं दौड़ कर आया तो उसने मुझ पर भी बंदूक तान दिया। जिससे मैं डर कर भाग गया। वहीं मनु ने दूसरी गोली भी मेरी पत्नी के पेट में दाग दिया। जिससे सोनी देवी की मौत घटनास्थल पर ही हो गई। घटना की सूचना मिलने पर इसुआपुर पुलिस घटनास्थल पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल छपरा भेज दिया। वहीं मृतका के पति के बयान पर एक प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने घटनास्थल से गोली का खोखा भी बरामद किया है । वहीं पुलिस ने प्राथमिकी के नामजद दो नामजद अभियुक्तों गायत्री देवी तथा अलका देवी को गिरफ्तार कर पूछताछ के बाद जेल भेज दिया। वहीं अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए सघन छापेमारी कर रही है।
घटना को अंजाम देने के आधे घंटे पूर्व की गई थी रेकिंग
इसुआपुर। मृतका के पति अशोक गिरी द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी में कहा गया है कि घटना के लगभग आधे घंटे पूर्व उनके घर के आसपास उनकी पहली पत्नी गायत्री देवी, पुत्र मनु गिरी, पुत्रवधू तथा मनु गिरी की पत्नी अलका देवी, पुत्र मनु गिरी के मित्र इसुआपुर गांव के संजय साह के पुत्र सीटू कुमार और सतासी गांव के जितेंद्र सिंह के पुत्र अंकित कुमार सिंह को घर की रेकी करते हुए देखा गया था। इन सभी 6 लोगों पर घटना में प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से शामिल होने का आरोप लगाया गया है।
सबरुन से 2012 में अशोक ने किया था प्रेम विवाह
इसुआपुर। सबरुन निशा उर्फ सोनी देवी की हत्या मामले में दर्ज कराई गई प्राथमिकी में पति अशोक गिरी द्वारा कहा गया है कि उनकी पहली शादी वर्ष 1995 में गायत्री देवी के साथ हुई थी। जिससे तीन पुत्र क्रमशः मनु गिरी, सोनू गिरी, छोटू गिरी तथा एक पुत्री सपना कुमारी का जन्म हुआ। उसके बाद रोजी रोजगार के क्रम में 2010 में उन्होंने इसुआपुर बाजार स्थित सबरून निशा के घर के बगल में एसबीआई का एक सीएसपी ब्रांच खोला था। इसी बीच सबरुन से उनकी नज़रें चार हुई तथा धीरे-धीरे प्यार परवान चढ़ने लगा। 2 वर्षों तक लुका छुपी का खेल करते हुए 2012 में दोनों ने घर से भाग कर हिंदू रीति रिवाज से शादी रचा ली। तब सबरुन निशा को सोनी देवी के रूप में अशोक गिरी की पत्नी का नाम दिया गया। शादी के 6 माह बाद जब पति-पत्नी के रूप में दोनों अपने पैतृक घर अचितपुर गांव आए तो पहली पत्नी तथा बच्चों के साथ कहा-सुनी तो हुई, लेकिन बाद में सब सामान्य हो गया। सभी एक साथ मिल-जुलकर रहने लगे। इसी बीच 2013 में दूसरी पत्नी से एक लड़के का जन्म हुआ । जिसका नाम साजन कुमार रखा गया। वह मानसिक रूप से विक्षिप्त और विकलांग है। उसके बाद दूसरी संतान नहीं होने पर थक हार कर आईभीएफ के माध्यम से सोनी के गर्भ में दूसरा बच्चा ठहर गया। जिसकी जानकारी पहली पत्नी और बच्चों को हुई। तब से ये सभी सोनी के गर्भ में पल रहे बच्चे को मारने के लिए तरह-तरह के षडयंत्र रचने लगे। तब विवाद को बढ़ते हुए देखकर अशोक गिरी ने अपनी सभी पैतृक संपत्ति पहली पत्नी व बच्चों के नाम कर दिया। उसके बाद भी मेरी पहली पत्नी एवं बच्चों ने उक्त घटना को अंजाम दिया है।










