पटना : बिहार सरकार ने सरकारी जमीन की सुरक्षा और भूमि रिकॉर्ड में पारदर्शिता को लेकर बड़ा संदेश दिया है। राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने साफ कहा है कि सरकारी जमीन का बंदरबांट अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि किसी सरकारी जमीन को गलत तरीके से किसी व्यक्ति के नाम दर्ज किया गया, तो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। राज्य सरकार इस मामले में जल्द नया कानून भी लाने की तैयारी में है।
बुधवार देर शाम विभागीय कक्ष से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुपौल, रोहतास और पटना जिलों के राजस्व कार्यों की समीक्षा करते हुए मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सरकारी जमीन के रिकॉर्ड को पूरी तरह दुरुस्त और सुरक्षित रखा जाए। उन्होंने कहा कि भूमि से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही, देरी या मिलीभगत को गंभीरता से लिया जाएगा।
मंत्री ने कहा कि सरकारी जमीन आम जनता की संपत्ति है और उसकी रक्षा करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी स्तर पर गड़बड़ी या अनियमितता पाई गई, तो दोषियों के खिलाफ सख्त प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में जमीन संबंधी लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन, रिकॉर्ड अपडेट करने तथा राजस्व व्यवस्था को पारदर्शी बनाने पर भी जोर दिया गया। सरकार का उद्देश्य भूमि विवादों को कम करना और आम लोगों को राजस्व सेवाओं का बेहतर लाभ उपलब्ध कराना है।










