बाढ़ प्रभावितों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : आपदा प्रबंधन मंत्री।

न्यूज4बिहार | रूपेश मिश्रा | कटिहार जिले में लगातार बनी बाढ़ की स्थिति को लेकर बिहार के आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सादा ने बुधवार को उच्चस्तरीय समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को 24 घंटे अलर्ट मोड में रहने और राहत-बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने का निर्देश दिया। मंत्री ने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों की सुरक्षा और उन्हें समय पर राहत उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। राहत कार्यों के लिए संसाधनों की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी।

जिले के पांच अंचलों की 49 पंचायतों के 331 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। करीब 6 लाख 9 हजार 234 लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों से अब तक 1,883 लोगों को सुरक्षित निकालकर राहत केंद्रों तक पहुंचाया गया है। जलमग्न एवं सुदूर क्षेत्रों में आवागमन और राहत कार्यों के लिए 69 नावों का परिचालन किया जा रहा है।

बाढ़ पीड़ितों के लिए जिले में 194 सामुदायिक रसोई संचालित हैं, जिनके माध्यम से अब तक 2 लाख 20 हजार 897 लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा चुका है। वहीं प्रभावित परिवारों के बीच 13,105 पॉलिथीन शीट वितरित की गई हैं। मंत्री ने दूरस्थ क्षेत्रों में सूखा राशन और अन्य जरूरी राहत सामग्री उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया।

पशुधन की सुरक्षा के लिए चार पशु चिकित्सा शिविर और पांच चलंत पशु चिकित्सा दल सक्रिय हैं। इनके माध्यम से अब तक 123 पशुओं का उपचार किया गया है। वहीं बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 17 स्वास्थ्य शिविर संचालित किए जा रहे हैं, जहां अब तक 1,285 लोगों को चिकित्सा सुविधा दी गई है।

मंत्री रत्नेश सादा ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ की स्थिति सामान्य होने तक राहत एवं बचाव कार्य पूरी तत्परता से जारी रखें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक प्रभावित परिवार तक भोजन, सूखा राशन, पशु चारा, स्वास्थ्य सुविधा और आवश्यक राहत सामग्री पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। राज्य सरकार इस कठिन समय में बाढ़ प्रभावित नागरिकों के साथ मजबूती से खड़ी है।