News4Bihar | चकाई (जमुई)। देश की आजादी के करीब आठ दशक बीत जाने के बाद भी चकाई प्रखंड के नौवाडीह पंचायत अंतर्गत फतेपुर गांव बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में आज तक विकास की पर्याप्त योजनाएं नहीं पहुंचीं, जिसके कारण लोगों को भारी परेशानियों के बीच जीवन गुजारना पड़ रहा है।
ग्रामीणों के मुताबिक गांव में बच्चों की पढ़ाई के लिए सरकारी स्कूल की सुविधा नहीं है, वहीं मुख्य बाजार और अन्य इलाकों से जोड़ने वाली पक्की सड़क का भी अभाव है। सड़क नहीं होने के कारण खासकर बरसात के मौसम में ग्रामीणों की परेशानी कई गुना बढ़ जाती है।
बारिश में गांव का संपर्क होता है मुश्किल
बरसात के दिनों में गांव की कच्ची सड़कें कीचड़ में तब्दील हो जाती हैं। ऐसे में लोगों का घर से निकलना तक मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों को बाइक और साइकिल के सहारे आवागमन करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि चार पहिया वाहन गांव तक पहुंचाना बेहद मुश्किल है।
सबसे ज्यादा परेशानी मरीजों और बुजुर्गों को होती है। किसी के बीमार पड़ने या आपात स्थिति में अस्पताल तक पहुंचाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
जनप्रतिनिधियों के खिलाफ ग्रामीणों में नाराजगी
ग्रामीणों का आरोप है कि चुनाव के दौरान जनप्रतिनिधि गांव में पहुंचकर विकास के वादे करते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होने के बाद उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जाता। लंबे समय से सड़क और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं के अभाव को लेकर ग्रामीणों में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के प्रति नाराजगी है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द सड़क निर्माण और प्राथमिक विद्यालय की व्यवस्था कराने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि जल्द उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने और जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव करने को मजबूर होंगे।
इस दौरान स्थानीय ग्रामीण इम्तियाज मियां, मोहम्मद मंसूर अंसारी, सलमी मियां, गोविंद यादव, अकबर मियां और मंगरु कोल समेत कई ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल मामले में पहल कर गांव की बुनियादी समस्याओं का समाधान कराने की मांग की है।
चकाई से लालू कुमार की रिपोर्ट.










