जेपी विश्वविद्यालय की अव्यवस्था के खिलाफ आइसा का हल्ला बोल, कुलपति का पुतला दहन

  •   मार्क्सशीट, 68 क्रेडिट सिस्टम और हेल्प डेस्क को लेकर छात्र संगठन ने जताया आक्रोश, मांगें पूरी नहीं होने पर तालाबंदी की चेतावनी

छपरा । जयप्रकाश विश्वविद्यालय (जेपीयू) में कथित शैक्षणिक अव्यवस्था, कर्मचारियों की हड़ताल और छात्रों की समस्याओं के समाधान में देरी के विरोध में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) ने शनिवार को प्रदर्शन करते हुए कुलपति का पुतला दहन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और छात्र हित में तत्काल कदम उठाने की मांग की।

आइसा के अनुसार, संगठन ने 10 सितंबर को जेपी विश्वविद्यालय में आंदोलन किया था। इस दौरान छात्रों की प्रमुख समस्याओं को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष मांगें रखी गई थीं। इनमें सत्र 2023-27 के सेमेस्टर-1 से 4 तक के छात्रों को मूल अंकपत्र उपलब्ध कराने, 68 क्रेडिट सिस्टम को समाप्त करने तथा सभी कॉलेजों में हेल्प डेस्क और आवेदन जमा करने पर अनिवार्य रिसीविंग देने की मांग शामिल है।

जेपीएम महिला कॉलेज में व्यवस्था पर उठाए सवाल

आइसा नेताओं ने बताया कि 10 सितंबर के आंदोलन के बाद 11 सितंबर को संगठन की टीम ने जेपीएम महिला कॉलेज का जायजा लिया। संगठन का दावा है कि कॉलेज में कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे थे, जिसके कारण छात्रों के आवेदन जमा नहीं हो पा रहे थे और उन्हें रिसीविंग भी नहीं दी जा रही थी।

आइसा ने यह भी आरोप लगाया कि ऑनलाइन फॉर्म भर चुके छात्रों के फॉर्म का कॉलेज स्तर पर सत्यापन नहीं हो रहा है, जिससे उनके आवेदन प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है।

कुलपति के दावों पर आइसा ने उठाए सवाल

आइसा के जिला अध्यक्ष कुणाल कौशिक ने कहा कि 10 सितंबर को आंदोलन के दौरान कुलपति के साथ संगठन के प्रतिनिधिमंडल की वार्ता हुई थी। उनके अनुसार, वार्ता के दौरान कुलपति ने विभिन्न कॉलेजों में स्वयं जाकर व्यवस्था का जायजा लेने की बात कही थी। इसके बाद जेपीएम महिला कॉलेज की स्थिति का हवाला देते हुए आइसा ने विश्वविद्यालय प्रशासन के दावों पर सवाल उठाए।

कुणाल कौशिक ने कहा कि छात्रों की समस्याओं का तत्काल समाधान होना चाहिए और विश्वविद्यालय प्रशासन को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।

तीन प्रमुख मांगें रखीं

आइसा के जिला सचिव विकास कुमार ने छात्र हित में तीन प्रमुख मांगें रखीं। इनमें सभी कॉलेजों में हेल्प डेस्क और रिसीविंग व्यवस्था लागू करना, कॉलेज परिसरों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करना तथा पेयजल, स्वच्छ शौचालय, कॉमन रूम और कक्षाओं में बैठने की समुचित व्यवस्था जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना शामिल है।

आइसा नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सत्र 2023-27 के छात्रों की मार्क्सशीट, फॉर्म सत्यापन और हेल्प डेस्क समेत अन्य मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो संगठन आंदोलन को और तेज करेगा। संगठन ने जरूरत पड़ने पर पूरे विश्वविद्यालय में तालाबंदी करने की भी चेतावनी दी है।