जीवनभर सैनिक ही रहता है सैनिक, वर्दी उतरने से कर्तव्य खत्म नहीं होता : मेजर जनरल जितेंद्र सिंह

News4Bihar (सारण), 29 जुलाई। भिखारी ठाकुर प्रेक्षागृह में आयोजित “शौर्य संबंध समारोह” में मुख्य अतिथि मेजर जनरल जितेंद्र सिंह (एसएम), जनरल ऑफिसर कमांडिंग, झारखंड एवं बिहार सब एरिया ने कहा कि “सैनिक चाहे वर्दी में हो या सेवानिवृत्त हो चुका हो, एक बार सैनिक बनने के बाद वह जीवनभर सैनिक ही रहता है।” उन्होंने कहा कि बिहार वीरों की भूमि है और यहां के सैनिकों ने देश की रक्षा में अदम्य साहस, पराक्रम और सर्वोच्च बलिदान देकर भारत का गौरव विश्वभर में बढ़ाया है।

मेजर जनरल जितेंद्र सिंह ने कहा कि वयोवृद्ध सम्मान योजना और वीरांगना सम्मान जैसे कार्यक्रम पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के सम्मान की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हैं। उन्होंने देश की रक्षा में योगदान देने वाले सभी सैनिकों, वीर नारियों और शहीद परिवारों को श्रद्धापूर्वक नमन किया।

समारोह में करीब 550 पूर्व सैनिक, वीर नारियां, वीरांगनाएं एवं उनके आश्रित शामिल हुए। इस दौरान 10 वीरांगनाओं को सम्मानित किया गया, जबकि 80 वर्ष से अधिक आयु के 27 पूर्व सैनिकों को राष्ट्र के प्रति उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने कहा कि छपरा की ऐतिहासिक धरती पर पूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं और सैनिक परिवारों के बीच उपस्थित होना उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि सैनिक अनुशासन, सेवा, त्याग और राष्ट्रभक्ति के प्रतीक हैं तथा जिला प्रशासन उनके सम्मान और समस्याओं के समाधान के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रहा है।

जिलाधिकारी ने बताया कि जिला सैनिक कल्याण कार्यालय पेंशन, भूमि विवाद और अन्य समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए सक्रिय है। अब तक 19 पारिवारिक पेंशन मामलों में 14 का निष्पादन किया जा चुका है, जबकि पिछले छह माह में प्राप्त 88 भूमि विवाद मामलों में 56 का समाधान किया गया है। सैनिकों की सहायता के लिए पुलिस हेल्प डेस्क और जिला विधिक सेवा प्राधिकार के माध्यम से निःशुल्क कानूनी सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है।

उन्होंने मुख्यमंत्री के “सहयोग शिविर” कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि नागरिक 1100 हेल्पलाइन, सहयोग शिविर पोर्टल तथा प्रत्येक माह के दूसरे मंगलवार को आयोजित शिविरों के माध्यम से अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। सारण जिले की 160 पंचायतों में प्राप्त शिकायतों में लगभग 96 प्रतिशत मामलों का सफल निष्पादन किया जा चुका है।

समारोह में सेना के वरिष्ठ अधिकारियों, राज्य सैनिक बोर्ड, जिला प्रशासन तथा विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति रही। अंत में जिलाधिकारी ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम सैनिकों के सम्मान और राष्ट्रभक्ति की भावना को और अधिक सशक्त बनाते हैं।