आर्म्स एक्ट में अभियुक्त को दो साल की सश्रम कारावास की सजा

News4Bihar | औरंगाबाद। व्यवहार न्यायालय में आर्म्स एक्ट के मामले में प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी प्रेरणा सिंह ने सजा के बिंदु पर सुनवाई करते हुए एकमात्र अभियुक्त पुकार भुईयां उर्फ पुकार मांझी को दो साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अभियुक्त गया जिले के आमस थाना क्षेत्र के पहाड़पुर टोला का रहने वाला है।अभियोजन पदाधिकारी राजकिशोर सिंह ने बताया कि मदनपुर थाना कांड संख्या-327/25, जीआर-2427/25 एवं टीआर-3561/25 में न्यायालय ने अभियुक्त को आर्म्स एक्ट की धारा 25(1-B)a के तहत दो वर्ष के सश्रम कारावास और दो हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं देने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वहीं, धारा 26 के तहत भी दो वर्ष का सश्रम कारावास और दो हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना नहीं देने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास होगा। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी।अभियोजन की ओर से मामले में कुल आठ गवाहों की गवाही कराई गई। अधिवक्ता सतीश कुमार स्नेही ने बताया कि अभियुक्त को हाईकोर्ट से भी जमानत नहीं मिली थी। मामले में एक नवंबर 2025 को संज्ञान लिया गया था और दो जनवरी 2026 से गवाही शुरू हुई। आठ जून 2026 से बहस शुरू हुई तथा 12 अगस्त 2026 को मामला निर्णय के लिए चला गया। 22 अगस्त 2026 को अभियुक्त को आर्म्स एक्ट के तहत दोषी करार दिया गया था। इसके बाद 25 अगस्त 2026 को सजा के बिंदु पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने सजा सुनाई। इस प्रकार करीब एक वर्ष में मामले की सुनवाई पूरी हुई।अधिवक्ता स्नेही ने बताया कि मामले के प्राथमिकी सूचक तत्कालीन मदनपुर थानाध्यक्ष राजेश कुमार ने छह अगस्त 2025 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी। प्राथमिकी में बताया गया था कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि मदनपुर थाना के दो मामलों का अभियुक्त भेलीबांध की ओर जा रहा है। सूचना के आधार पर एसटीएफ और थाना पुलिस की टीम उसे पकड़ने के लिए निकली।पुलिस टीम को देखकर और गाड़ी की आवाज सुनकर एक व्यक्ति पीछे मुड़कर भागने लगा। पुलिस ने पीछा कर उसे पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम पुकार भुईयां बताया। तलाशी के दौरान उसके पास से लोडेड देसी कट्टा और कारतूस बरामद किया गया। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था। इसी मामले में न्यायालय ने अब उसे दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है।