छपरा : माली कल्याण समिति ने पटना सहित बिहार के सभी जिलो में आधुनिक एवं बड़े स्तर की फूल मंडी स्थापित करने के संबंध में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को ज्ञापन सौंपा है।अपने आवेदन के माध्यम से समित में कहा है कि बिहार में फूलों का उत्पादन एवं व्यापार हजारों परिवारों की आजीविका से प्रत्यक्ष रूप से जुड़ा हुआ है। विशेष रूप से माली/मालाकार समाज परंपरागत रूप से फूल उत्पादन, फूल व्यापार एवं माला निर्माण के कार्य से जुड़ा रहा है। फूल हमारे धार्मिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक जीवन का अभिन्न हिस्सा हैं।
इसके बावजूद बिहार में फूल उत्पादकों एवं व्यापारियों के लिए व्यवस्थित एवं संगठित फूल मंडी का अभाव है। फूल अत्यंत जल्दी खराब होने वाला उत्पाद है। उचित बाजार, भंडारण एवं परिवहन की सुविधा नहीं होने के कारण उत्पादकों एवं छोटे व्यापारियों को अपना फूल बिचौलियों के माध्यम से कम कीमत पर बेचने के लिए मजबूर होना पड़ता है। इससे उन्हें अपने उत्पाद का उचित मूल्य नहीं मिल पाता।
पटना में आधुनिक फूल मंडी की विशेष आवश्यकता पर बल देते हुए उन्होंने लिखा है कि पटना बिहार की राजधानी तथा राज्य का प्रमुख शहरी एवं व्यापारिक केंद्र है। बिहार के विभिन्न जिलों से बड़ी मात्रा में फूल पटना पहुँचते हैं और यहां से फूलों का थोक एवं खुदरा व्यापार होता है।
लेकिन पटना में वर्तमान में फूलों के थोक एवं खुदरा व्यापार के लिए कोई ऐसी समेकित, आधुनिक एवं सुव्यवस्थित फूल मंडी नहीं है, जहां फूल उत्पादकों, थोक व्यापारियों, खुदरा विक्रेताओं एवं बड़े खरीदारों को एक ही स्थान पर आवश्यक सुविधाएं मिल सकें।
फूलों का व्यापार अलग-अलग स्थानों पर बिखरा होने के कारण यातायात, पार्किंग, स्वच्छता, भंडारण एवं व्यापारिक व्यवस्था से संबंधित समस्याएं भी उत्पन्न होती हैं। अतः पटना में बड़े स्तर की आधुनिक एवं सुव्यवस्थित फूल मंडी स्थापित करना अत्यंत आवश्यक है। इसे बिहार के पुष्प उत्पादन एवं व्यापार के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकता है।
पटना में ऐसी मंडी स्थापित होने से बिहार के विभिन्न जिलों के फूल उत्पादकों को बड़ा एवं सुनिश्चित बाजार मिलेगा तथा थोक व्यापार, खुदरा व्यापार, कोल्ड चैन, परिवहन, पैकेजिंग एवं अन्य संबंधित गतिविधियों से रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।










