“फरार या बेखौफ?” — एक तस्वीर ने खड़े किए कानून व्यवस्था पर बड़े सवाल

    News4Bihar /सारण: एक तस्वीर… जो पहली नजर में सम्मान समारोह की झलक लगती है, लेकिन जैसे-जैसे इसे गौर से देखा जाए, यह कानून और व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती नजर आती है।

मामला उस वक्त तूल पकड़ गया जब एक ओर पुलिस रिकॉर्ड में मोहन शाह और विजय राय के नाम ‘फरार अभियुक्त’ के रूप में दर्ज बताए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर वही दोनों चेहरे खुलेआम थाना परिसर में दिखाई देते हैं। इतना ही नहीं—वे थाना अध्यक्ष को माला पहनाकर सम्मानित करते हुए भी नजर आते हैं।

यह दृश्य सिर्फ एक सामान्य कार्यक्रम नहीं, बल्कि व्यवस्था के भीतर छिपे विरोधाभास को उजागर करता प्रतीत हो रहा है।


❗ विरोधाभास या सच्चाई से पर्दा?

एक तरफ पुलिस रिकॉर्ड में फरारी का दावा…
दूसरी तरफ सार्वजनिक मंच पर मौजूदगी और आत्मविश्वास से भरी तस्वीरें।

ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है—
👉 अगर ये सच में फरार हैं, तो अब तक गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई?
👉 और अगर फरार नहीं हैं, तो पुलिस रिकॉर्ड में इनका नाम क्यों दर्ज है?


🔍 “सिस्टम में सेटिंग” की आशंका?

स्थानीय लोगों के बीच अब यह चर्चा तेज हो गई है कि कहीं न कहीं सिस्टम के भीतर कोई ‘सेटिंग’ तो काम नहीं कर रही।
कैमरे के सामने दिखती यह सहजता और मुस्कान… कहीं कानून के डर के खत्म होने का संकेत तो नहीं?


🎤 थाना प्रभारी ने साधी चुप्पी

जब इस पूरे मामले को लेकर हमारे संवाददाता ने थाना प्रभारी से बातचीत करने की कोशिश की, तो उन्होंने साफ तौर पर कुछ भी बताने से इंकार कर दिया।
उनका कहना था—
“अभी हम नए आए हुए हैं, इसलिए कौन क्या है, इसकी जानकारी मुझे नहीं है।”


⚖️ अब उठ रहे हैं ये बड़े सवाल

  • क्या मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होगी?
  • क्या जिम्मेदार अधिकारियों से जवाबदेही तय की जाएगी?
  • या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगा?

📸 एक तस्वीर, कई सवाल

यह तस्वीर अब सिर्फ एक फोटो नहीं रही…
यह एक ऐसा आईना बन चुकी है, जिसमें सिस्टम की कार्यशैली पर उठते सवाल साफ देखे जा सकते हैं।

देखते रहिए… क्योंकि मुद्दा गंभीर है, और इस बार जवाब आना बेहद जरूरी है।