सारण तटबंध पर डीएम-एसएसपी का निरीक्षण, रिसाव स्थलों पर युद्धस्तर पर मरम्मत के निर्देश

  • अमनौर, तरैया, पानापुर और मकेर के प्रभावित इलाकों का लिया जायजा, NDRF की मदद से लोगों को सुरक्षित निकाला गया

छपरा। सारण में गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर और तटबंधों पर रिसाव की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। बुधवार को जिलाधिकारी सारण वैभव श्रीवास्तव एवं वरीय पुलिस अधीक्षक रौशन कुमार ने सारण तटबंध के विभिन्न संवेदनशील स्थलों का स्थल निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान अमनौर प्रखंड के परशुरामपुर, परशुरामपुर कुंवारी एवं धर्मपुर जाफर कुंवारी में तटबंध पर हुए रिसाव का निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद बाढ़ प्रमंडल के अभियंताओं एवं संबंधित पदाधिकारियों से मरम्मत कार्य की जानकारी ली।

इसके अलावा तरैया प्रखंड के आकुचक में संपर्क पथ की मरम्मत, पानापुर प्रखंड के कौंध में रिंग बांध की मरम्मत तथा सलेमपुर में मुख्य बांध की मरम्मत कार्य का भी जायजा लिया गया। गोपालगंज सीमा के समीप तटबंध पर मौजूद रिसाव स्थलों का भी निरीक्षण किया गया।

रिसाव स्थलों को तत्काल बंद करने का निर्देश

जिलाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि तटबंध पर जहां भी रिसाव की स्थिति है, वहां युद्धस्तर पर काम करते हुए रिसाव को तत्काल बंद कराया जाए। सभी आवश्यक मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के साथ तटबंध की लगातार निगरानी करने का भी निर्देश दिया गया।

अधिकारियों ने कहा कि किसी भी प्रकार की आपात स्थिति उत्पन्न होने पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि जान-माल के नुकसान को रोका जा सके।

NDRF की मदद से प्रभावित लोगों को निकाला गया

निरीक्षण के दौरान तरैया, अमनौर एवं मकेर प्रखंड के तटबंध और नदी के बीच के अंदरूनी क्षेत्रों में फंसे लोगों को NDRF की सहायता से नाव के माध्यम से सुरक्षित बाहर निकाला गया।

प्रशासन ने संबंधित पदाधिकारियों को प्रभावित इलाकों में लगातार निगरानी रखने और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का निर्देश दिया है।

बाढ़ प्रभावितों के लिए राहत व्यवस्था के निर्देश

जिलाधिकारी ने बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए आवश्यक राहत एवं मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया। अधिकारियों को—

 

– प्रभावित परिवारों के बीच पर्याप्त संख्या में पॉलीथिन शीट वितरित करने।

– शरणस्थली में रहने वाले मवेशियों के लिए त्रिपाल एवं अन्य आवश्यक व्यवस्था करने।

– प्रभावित इलाकों में सामुदायिक किचेन का संचालन कर भोजन की व्यवस्था सुनिश्चित करने।

– बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी कर आवश्यकता के अनुसार तत्काल राहत एवं बचाव अभियान चलाने।

का निर्देश दिया गया।

 

प्रभावित लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि बाढ़ और तटबंध से जुड़ी किसी भी सूचना को गंभीरता से लेते हुए तत्काल मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने प्रभावित लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने तथा राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतने का निर्देश दिया।