News4Bihar |Saran | इसुआपुर प्रखंड के जैथर गांव में रविवार को हवारी विकास संगठन के बैनर तले मुस्लिम धोबी समाज की बैठक हुई। बैठक में समाज से जुड़े लोगों ने अपनी सामाजिक, संवैधानिक एवं राजनीतिक मांगों को प्रमुखता से उठाते हुए केंद्र सरकार से राष्ट्रपति आदेश अनुसूचित जाति 1950 को वापस लेने, जनसंख्या के अनुपात में सत्ता एवं शासन-प्रशासन में भागीदारी सुनिश्चित करने तथा अरजाल दलित मुस्लिम आयोग के गठन की मांग की। बैठक को संबोधित करते हुए पूर्व राज्य सभा सांसद डॉ. एजाज अली ने कहा कि अपनी मांगों को लेकर सड़क से सदन तक लड़ाई लड़ेंगें। उन्होंने कहा कि इन मांगों के पूरा होने से समाज के वंचित वर्गों को समान अधिकार और न्याय मिल सकेगा। साथ ही कहा कि वर्ष 1989 में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति पर अत्याचार रोकने के लिए कानून बनाया गया था। लेकिन उसमें दलित मुस्लिम समुदाय को शामिल नहीं किया गया। उन्होंने दलित मुस्लिमों को भी इस कानून के दायरे में लाकर उन्हें कानूनी संरक्षण प्रदान किए जाने की मांग की। साथ ही कहा कि धर्म के आधार पर किसी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए। दलित मुस्लिम समुदाय को भी समान अधिकार मिलने चाहिए। संगठन के मीडिया प्रभारी सह उप सचिव इसराइल अली ने कहा कि हवारी विकास संगठन की स्थापना वर्ष 2021 में मुस्लिम समाज की धोबी, नट एवं हल्लाखोर जैसी वंचित जातियों के अधिकारों की लड़ाई के लिए की गई थी। उन्होंने कहा कि हिंदू और मुस्लिम धोबी एक ही प्रकार का कार्य करते हैं। लेकिन हिंदू धोबी अनुसूचित जाति की श्रेणी में हैं। जबकि मुस्लिम धोबी अति पिछड़ा वर्ग में शामिल हैं। उन्होंने सरकार से मुस्लिम धोबी समाज को भी अनुसूचित जाति का दर्जा देने की मांग की। जंगली मियां की अध्यक्षता तथा मोहम्मद कासिम के संचालन में सभा को संगठन के अध्यक्ष आस मोहम्मद, बंगाली मियां, हसमत अली, एनुस हवारी, नाजूल हक, मोहम्मद रियाजुद्दीन, मोहम्मद सुलेमान, उस्मान हल्लाखोर, हाजी हलीम, नूर हसन आजाद, मोहम्मद इदरीस, मोहम्मद शफीक, प्रो. रजाक हुसैन, पीस पार्टी के पूर्व प्रत्याशी अहमद अंसारी, मोहम्मद नूरसमद व अन्य ने भी संबोधित किया।










