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बच्चों के दिल के जख्म को दूर करने में सार्थक सिद्ध हो रही मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना

• दिल में छेद की सर्जरी के लिए तीन बच्चों को भेजा गया अहमदाबाद

• हवाई जहाज से सरकार के खर्चे पर अहमदाबाद भेजे गये बच्चे और परिजन

• सरकार द्वारा नि:शुल्क उपलब्ध करायी जा रही सभी तरह की सुविधा

छपरा,9 सितंबर । बेहतर और समुचित स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने को लेकर जहाँ सरकार पूरी तरह गंभीर है वहीं, स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सजग और कटिबद्ध । जिसे सार्थक रूप देने के लिए आरबीएसके टीम की पहल पर जिले के हृदय रोग से पीड़ित बच्चों का पूरी तरह निःशुल्क इलाज कराया जा रहा है। जिसका सार्थक परिणाम यह है कि समुचित इलाज और स्वस्थ्य होने की उम्मीद छोड़ चुके पीड़ित बच्चे पूरी तरह स्वस्थ्य हो रहे और बच्चों को नई स्वस्थ्य जिंदगी जीने का अवसर मिल रहा है। जिले के तीन बच्चे को ऑपरेशन के लिए हवाई जहाज से अहमदाबाद भेजा गया है। जहां पर उनके दिल में छेद की सर्जरी की जायेगी । इनमें पानापुर के हिमांशु कुमार, शिवांश कुमार, सदर प्रखंड के गोलू कुमार शामिल हैं । सभी बच्चों के साथ एक-एक परिजन को भी भेजा गया है।

 

सभी तरह की सुविधाएं नि:शुल्क उपलब्ध:

आरबीएसके के जिला समन्वयक डॉ. अमरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि बाल हृदय योजना के तहत बच्चों में होने वाले जन्मजात रोगों में हृदय में छेद होना एक गंभीर समस्या है। उक्त बीमारी से पीड़ित बच्चे का बाल हृदय योजना के तहत सरकार द्वारा पूरी तरह निःशुल्क इलाज कराया जाता है। यही नहीं, पीड़ित बच्चे और उसके अभिभावक के इलाज के लिए आने-जाने का खर्च भी सरकार ही वहन करती है। बाल हृदय योजना के तहत राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम जिले के विभिन्न स्कूलों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों की स्क्रीनिंग कर दिल में छेद से ग्रसित बच्चों को चिह्नित करती है । इसके बाद एम्बुलेंस से बच्चों को इंदिरा गांधी हृदय रोग संस्थान, पटना में भेजकर स्क्रीनिंग करायी जाती है। स्कीनिंग में चिह्नित बच्चों के दिल का ऑपरेशन अहमदाबाद के सत्य साईं हॉस्पिटल में निःशुल्क कराया जाता है। बच्चे के साथ एक अटेंडेंट भी हवाई यात्रा कर अहमदाबाद जाते हैं ।

 

 

माता पिता को अब चिंता करने की जरूरत नहीं:

 

जिले में दिल की बीमारी से ग्रसित बच्चों के माता पिता को अब चिंता करने की जरूरत नहीं है। उनके बच्चे के दिल की बीमारियों का इलाज अब राज्य सरकार के द्वारा नि:शुल्क कराया जा रहा है। जिसके लिए राज्य सरकार बाल हृदय योजना का संचालन कर रही है। राज्य सरकार के कार्यक्रम (2020-2025) के अन्तर्गत आत्मनिर्भर बिहार के सात निश्चय-2 में हृदय में छेद के साथ जन्में बच्चों के निःशुल्क उपचार की व्यवस्था हेतु स्वीकृत नई योजना ‘बाल हृदय योजना’ कार्यक्रम के तहत यह सुविधा प्रदान की जा रही है।

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