गोपालगंज में बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचे जिला एवं सत्र न्यायाधीश, 200 से अधिक परिवारों को बांटी राहत सामग्री

  • पीड़ितों की समस्याएं सुनने के साथ न्यायाधीश ने दिया कानूनी सहायता का भरोसा, सरकारी योजनाओं से जुड़ी परेशानियों के समाधान का भी आश्वासन

गोपालगंज। बाढ़ की विभीषिका झेल रहे परिवारों को राहत पहुंचाने और उनकी समस्याओं को करीब से समझने के उद्देश्य से गोपालगंज के जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने 200 से अधिक बाढ़ पीड़ित परिवारों के बीच राहत सामग्री का वितरण किया और जरूरतमंदों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया।

दौरे के दौरान न्यायाधीश ने स्थानीय लोगों से बातचीत कर बाढ़ के कारण उत्पन्न समस्याओं की जानकारी ली। इस दौरान बच्चों के बीच बिस्कुट और ब्रेड भी वितरित किए गए। उन्होंने कहा कि बाढ़ से प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाना और उन्हें सामान्य जनजीवन की ओर लौटने में सहयोग करना इस पहल का प्रमुख उद्देश्य है।

 

सरकारी योजनाओं से जुड़ी समस्याओं के समाधान का भरोसा

जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जरूरतमंद नागरिकों को न्याय और कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्राधिकरण प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि राशन कार्ड, आधार कार्ड, पेंशन सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं और विभागों से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए नागरिक जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि नागरिक अपनी शिकायत मौखिक या लिखित रूप में दर्ज करा सकते हैं। संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर समस्याओं के समाधान की दिशा में आवश्यक पहल की जाएगी।

बाढ़ पीड़ितों का बढ़ाया हौसला

जिला प्रशासन के सहयोग से आयोजित इस पहल का उद्देश्य बाढ़ प्रभावित लोगों की वास्तविक परेशानियों को समझना और उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में कदम उठाना है। न्यायाधीश ने कहा कि बाढ़ के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। ऐसे में प्रभावित परिवारों को दोबारा सामान्य जीवन शुरू करने में मदद करना बेहद जरूरी है।

उन्होंने बाढ़ पीड़ितों का हौसला बढ़ाते हुए विश्वास जताया कि लोग इस कठिन परिस्थिति से उबरकर फिर से अपने घर-परिवार और जीवन को व्यवस्थित कर सकेंगे। साथ ही, जरूरतमंद लोगों को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं के समाधान के लिए विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।