मढ़ौरा में आवास योजना की सूची पर उठे सवाल, जिलाधिकारी समेत अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कराने की मांग

मढ़ौरा (सारण)। मढ़ौरा प्रखंड में प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रतीक्षा सूची में कथित अनियमितता और ग्रामसभा के निर्णय की अनदेखी का मामला सामने आया है। इस संबंध में सलीमापुर पंचायत के पूर्व मुखिया सह मुखिया प्रतिनिधि विजय कुमार सिंह ने जिलाधिकारी समेत संबंधित अधिकारियों को आवेदन देकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

आवेदन में आरोप लगाया गया है कि प्रखंड में कार्यरत डाटा ऑपरेटर त्रिभुवन कुमार द्वारा आवास योजना की प्रतीक्षा सूची तैयार करने में अनियमितता बरती गई है। शिकायतकर्ता का कहना है कि सूची में ऐसे लोगों के नाम शामिल किए गए हैं, जिनका पूर्व के सर्वेक्षण में नाम नहीं था। वहीं, वास्तविक रूप से आवासविहीन और पात्र परिवारों को सूची में उचित स्थान नहीं मिलने का भी आरोप लगाया गया है।

शिकायत के अनुसार, कुछ ऐसे लोगों के नाम सूची में शामिल किए गए हैं, जिनके पास पहले से पक्का मकान उपलब्ध है। वहीं, पात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ मिलने में परेशानी हो रही है। इसको लेकर सूची की पारदर्शिता और चयन प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए गए हैं।

आवेदन में यह भी कहा गया है कि सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुसार ग्रामसभा के माध्यम से प्रतीक्षा सूची का परीक्षण, संशोधन और अनुमोदन किया जाना चाहिए। लेकिन आरोप है कि संबंधित पंचायत की ग्रामसभा से अनुमोदन कराए बिना ही सूची प्रखंड कार्यालय में जमा कर दी गई।

शिकायतकर्ता के मुताबिक, 7 अक्टूबर को प्रखंड विकास पदाधिकारी की ओर से पंचायत की सूची उपलब्ध नहीं होने की जानकारी दी गई थी। इसके बाद डाटा ऑपरेटर से संपर्क करने पर कथित तौर पर बताया गया कि सूची से किसी का नाम नहीं हटाया जा सकता और विभाग को भेजी गई सूची को ही मान्य करना होगा।

जिलाधिकारी से जांच और कार्रवाई की मांग

मामले को लेकर शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी समेत संबंधित अधिकारियों से पूरी सूची की जांच कराने, कथित अनियमितताओं की जिम्मेदारी तय करने और वास्तविक पात्र परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग की है।

इस संबंध में मढ़ौरा के बीडीओ अभिषेक कुमार प्रभाकर के अनुसार, आवास योजना के अयोग्य लाभार्थियों का नाम ग्रामसभा के माध्यम से हटाया जा सकता है। शिकायत मिलने पर वरीयता क्रम में गड़बड़ी की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

बताया गया है कि अंतिम सूची आवास सहायक और पीआरएस द्वारा किए गए सर्वेक्षण के आधार पर तैयार की जाती है। ऐसे में अब मुख्य सवाल यह है कि प्रतीक्षा सूची तैयार करने की प्रक्रिया में निर्धारित नियमों का पालन हुआ या नहीं।

अब देखना होगा कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और वास्तविक रूप से जरूरतमंद परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ कब तक मिल पाता है।