- जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग की त्वरित कार्रवाई की सराहना, बाढ़ खत्म होने तक सतर्क रहने का निर्देश
सारण। बाढ़ की चुनौती के बीच सारण जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए माही नदी के दाएं तटबंध के 11.90 किलोमीटर बिंदु पर हुई टूटन की मरम्मत महज दो दिनों में पूरी कर ली। तटबंध की टूटन को प्रभावी ढंग से बंद कर नदी के बहाव को नियंत्रित कर लिया गया है।
बताया गया कि 6 सितंबर 2026 को गंगा नदी के उच्चतम जलस्तर के कारण उत्पन्न बैकवॉटरिंग की स्थिति में माही नदी के दाएं तटबंध के 11.90 किलोमीटर बिंदु पर तटबंध क्षतिग्रस्त होकर टूट गया था। सूचना मिलते ही जल संसाधन विभाग की तकनीकी टीम मौके पर पहुंची और युद्धस्तर पर बाढ़ संघर्षात्मक कार्य शुरू किया गया।
मुख्य अभियंता, बाढ़ संघर्षात्मक कार्य के अध्यक्ष तथा कार्यपालक अभियंता, बाढ़ नियंत्रण एवं जल निसरण प्रमंडल, छपरा के नेतृत्व में अभियंत्रण टीम ने दिन-रात लगातार काम करते हुए 8 सितंबर की रात तक टूटे तटबंध की मरम्मत पूरी कर ली। इसके बाद नदी के बहाव को पूरी तरह नियंत्रित कर लिया गया।
मरम्मत कार्य जिला पदाधिकारी, सारण श्री वैभव श्रीवास्तव के मार्गदर्शन, नियमित पर्यवेक्षण और लगातार मॉनिटरिंग में कराया गया। जिला प्रशासन की टीम ने अभियंत्रण विभाग के अधिकारियों और तकनीकी टीम के साथ लगातार समन्वय बनाए रखा।
उपमुख्यमंत्री ने किया निरीक्षण
9 सितंबर 2026 को उपमुख्यमंत्री-सह-प्रभारी मंत्री, सारण श्री विजेंद्र प्रसाद यादव ने माही नदी के क्षतिग्रस्त तटबंध स्थल का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर अधिकारियों से मरम्मत कार्य और तटबंध की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली।
उपमुख्यमंत्री ने तटबंध की टूटन की शीघ्र मरम्मत और नदी के बहाव को नियंत्रित करने के लिए जिला प्रशासन एवं जल संसाधन विभाग की त्वरित कार्रवाई की सराहना की।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ की अवधि समाप्त होने तक पूरी मुस्तैदी और सतर्कता बनाए रखें। साथ ही संवेदनशील तटबंधों और अन्य स्थानों की लगातार निगरानी करने तथा किसी भी प्रकार की क्षति या संभावित खतरे की सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग की टीमें जिले के संवेदनशील तटबंधों एवं बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी कर रही हैं। प्रशासन ने किसी भी आकस्मिक परिस्थिति से निपटने के लिए अभियंत्रण एवं राहत टीमों को पूरी तरह अलर्ट रखा है।










