बनियापुर के बंगाली भीठि गांव में अनोखे तरीके से हुई श्रद्धांजलि सभा

□》पारंपरिक श्राद्ध कर्म के बजाय बौद्ध रीति से दी गई श्रद्धांजलि, इलाके में चर्चा का विषय बना आयोजन

इसुआपुर/बनियापुर (सारण)। सीमावर्ती थाना क्षेत्र बनियापुर के बंगाली भीठि गांव में एक अनोखा सामाजिक और धार्मिक आयोजन चर्चा का विषय बना हुआ है। गांव की 75 वर्षीय मृतिका सिल्की देवी के निधन के बाद पारंपरिक हिंदू रीति-रिवाज से श्राद्ध कर्म कराने के बजाय परिजनों ने बौद्ध रीति से श्रद्धांजलि सभा आयोजित की।

 

जानकारी के अनुसार कार्यक्रम में ब्राह्मण द्वारा कर्मकांड कराने की परंपरा को छोड़ते हुए कम्युनिस्ट नेता नागेंद्र राम पल्लवी ने भगवान बुद्ध की प्रतिमा के समक्ष मंत्रोच्चारण कर मृतिका को श्रद्धांजलि अर्पित की। आयोजन के दौरान उपस्थित वक्ताओं ने इस नई परंपरा को सामाजिक बदलाव की दिशा में कदम बताते हुए बौद्ध धर्म के विचारों पर विस्तार से चर्चा की।

 

मृतिका के पुत्र एवं शिक्षक संतोष सिंह ने कहा कि वे पारंपरिक मनुवादी व्यवस्था से असंतुष्ट हैं, इसलिए उन्होंने पारंपरिक श्राद्ध कर्म के स्थान पर शोकसभा आयोजित कर अपनी मां को श्रद्धांजलि देने का निर्णय लिया।

 

इस अवसर पर गीता सागर राम, गंगा सागर राम, अशोक यादव समेत गांव एवं आसपास के दर्जनों गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के बाद पूरे इलाके में इस अनोखे आयोजन की चर्चा होती रही।