■ नई सरकार के गठन के बाद तेज़ हुई कवायद, विकास रोडमैप और संतुलित प्रतिनिधित्व पर जोर
नई दिल्ली/पटना: बिहार में नई सरकार के गठन के बाद अब मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर विकास के रोडमैप और सरकार के विस्तार पर विस्तृत चर्चा की। सूत्रों के अनुसार, अगले 10 दिनों के भीतर मंत्रिमंडल का विस्तार किया जा सकता है, जिसकी रूपरेखा लगभग तैयार हो चुकी है।
बताया जा रहा है कि नई कैबिनेट में क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन के साथ-साथ युवा और महिलाओं को भी पर्याप्त प्रतिनिधित्व देने की रणनीति पर काम किया जा रहा है। सरकार की प्राथमिकताओं में विकास योजनाओं को गति देना, प्रशासनिक मजबूती और राजनीतिक संतुलन बनाए रखना शामिल है।
दिल्ली में हुई इस अहम मुलाकात के दौरान संगठन और सरकार के बीच बेहतर समन्वय पर भी जोर दिया गया। वहीं भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से भी लगातार संवाद जारी है, ताकि सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए एक प्रभावी और संतुलित मंत्रिमंडल का गठन किया जा सके।
राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि इस बार मंत्रिमंडल में नए चेहरों को मौका मिल सकता है, जबकि कुछ अनुभवी नेताओं को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जाएगी। अब सबकी निगाहें आगामी मंत्रिमंडल विस्तार पर टिकी हैं, जो राज्य की राजनीति में नई दिशा तय कर सकता है।










