सारण के आंगनबाड़ी केंद्रों की खुली पोल! 553 में बिजली नहीं, 252 केंद्रों में पानी का संकट

  • आंगनबाड़ी केंद्रों की मूलभूत सुविधाओं पर प्रशासन सख्त, लंबित कार्य जल्द होंगे पूरे
  • जिले में 4,638 आंगनबाड़ी केंद्र स्वीकृत, 252 केंद्रों में पेयजल तो 553 केंद्रों में बिजली सुविधा का इंतजार

छपरा, 15 सितंबर 2026। जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन निर्माण एवं मूलभूत सुविधाओं की स्थिति को लेकर मंगलवार को समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिला पदाधिकारी वैभव श्रीवास्तव के निर्देश पर उप विकास आयुक्त लक्ष्मण तिवारी, भा.प्र.से. की अध्यक्षता में हुई बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों को लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने का निर्देश दिया गया।

बैठक में जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में पेयजल, शौचालय और विद्युत सुविधा की प्रखंडवार समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि जिले में कुल 4,638 आंगनबाड़ी केंद्र स्वीकृत हैं। इनमें 656 केंद्र आईसीडीएस के अपने भवन में तथा 368 केंद्र अन्य सरकारी भवनों में संचालित हो रहे हैं। यानी कुल 1,024 केंद्र सरकारी भवनों में संचालित हैं।

समीक्षा के दौरान सामने आया कि अभी भी 252 आंगनबाड़ी केंद्र पेयजल, 225 केंद्र शौचालय और 553 केंद्र विद्युत सुविधा से वंचित हैं। उप विकास आयुक्त ने इन कमियों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को तेजी से कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

205 केंद्रों में चापाकल मरम्मति के लिए भेजा गया विवरण

पेयजल सुविधा की समीक्षा के दौरान बताया गया कि 205 आंगनबाड़ी केंद्रों में चापाकल मरम्मति के लिए परियोजनावार विवरण पीएचईडी को उपलब्ध कराया गया है। इनमें 29 केंद्रों पर कार्य पूरा हो चुका है, जबकि 176 केंद्रों में कार्य लंबित है। उप विकास आयुक्त ने लंबित कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया।

शौचालय निर्माण भी अधूरा

आईसीडीएस के अपने भवन वाले केंद्रों में 154 केंद्रों में शौचालय निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि 46 केंद्रों में निर्माण कार्य लंबित है।

15वीं वित्त आयोग के यूनाइटेड ग्रांट मद से जिले के 200 आंगनबाड़ी केंद्रों में शौचालय निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। इनमें 106 केंद्रों के लिए पंचायती राज विभाग द्वारा राशि उपलब्ध कराई जानी है। अब तक 9 केंद्रों में निर्माण पूरा हुआ है, जबकि 97 केंद्रों में काम लंबित है।

447 केंद्रों में स्थायी बिजली कनेक्शन नहीं

विद्युत व्यवस्था की समीक्षा में बताया गया कि जिले के 4,638 आंगनबाड़ी केंद्रों में से 4,191 केंद्रों में स्थायी विद्युत कनेक्शन उपलब्ध है। वहीं 447 केंद्र अभी स्थायी बिजली कनेक्शन से वंचित हैं। अधिकारियों को शेष केंद्रों में भी जल्द बिजली सुविधा उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया।

420 नए आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण का लक्ष्य

बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन निर्माण के लिए भूमि की उपलब्धता की भी समीक्षा की गई। वित्तीय वर्ष 2024-25 में जिले में कुल 420 आंगनबाड़ी केंद्र भवनों के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

इसके लिए 524 स्थलों की भूमि का विवरण एनओसी के लिए अंचलाधिकारियों को उपलब्ध कराया गया है। इनमें 208 स्थलों पर एनओसी प्राप्त, 70 स्थलों पर अस्वीकृति और 246 स्थलों पर एनओसी लंबित है।

विद्यालयों में स्थानांतरण की भी हुई समीक्षा

किराए के भवनों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों को विद्यालयों में स्थानांतरित करने की स्थिति की भी समीक्षा की गई। जिले में परियोजनावार प्राथमिक एवं मध्य विद्यालयों की संख्या 2,407 बताई गई। इनमें वर्तमान में 455 आंगनबाड़ी केंद्र विद्यालय के कमरों में संचालित हो रहे हैं, जबकि 122 केंद्रों को अभी स्थानांतरित किया जाना है।

बैठक के अंत में उप विकास आयुक्त ने डीपीओ, सभी सीडीपीओ और जिला शिक्षा पदाधिकारी को आंगनबाड़ी केंद्रों से जुड़े सभी लंबित एवं संवेदनशील मामलों का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों और लाभुकों को आवश्यक मूलभूत सुविधाएं समय पर मिलें और सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो।