छपरा में स्वास्थ्य सेवाओं पर ‘दलाली’ का साया: 51 आशा कार्यकर्ता रडार पर, निजी नर्सिंग होम से सांठगांठ का खुलासा

News4Bihar :सारण जिले के छपरा में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर बड़ा खुलासा सामने आया है। आशा कार्यकर्ताओं द्वारा कथित तौर पर मरीजों की दलाली करने और उन्हें निजी नर्सिंग होम में भेजने का मामला उजागर हुआ है। इस मामले में 51 आशा कार्यकर्ता विभाग के रडार पर आ गई हैं।

स्वास्थ्य विभाग ने इस गंभीर आरोप को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। रिविलगंज, जलालपुर और नगरा स्थित स्वास्थ्य केंद्रों द्वारा जारी पत्रों में कई आशा कार्यकर्ताओं की निजी नर्सिंग होम से अवैध सांठगांठ का खुलासा हुआ है।

विभागीय जांच में सामने आया है कि कुछ आशा कार्यकर्ता सरकारी योजनाओं को दरकिनार कर मरीजों को निजी अस्पतालों में भेज रही थीं। इसके बदले उन्हें आर्थिक लाभ, उपहार और अन्य सुविधाएं मिलने की बात भी सामने आई है। विभाग ने इसे सरकारी नियमों का खुला उल्लंघन और स्वास्थ्य प्रणाली के खिलाफ गंभीर लापरवाही बताया है।

रिविलगंज स्वास्थ्य केंद्र ने अपने पत्र में कहा है कि पिछले कई महीनों से स्वास्थ्य कार्यक्रमों में अपेक्षित प्रगति नहीं हो रही थी, जिस पर उच्च अधिकारियों ने लगातार आपत्ति जताई थी। वहीं जलालपुर और नगरा स्वास्थ्य केंद्रों ने अलग-अलग सूचियां जारी कर संबंधित आशा कार्यकर्ताओं से 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है।

जारी नोटिस में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर संबंधित आशा कार्यकर्ताओं को सेवा से हटाने (चयनमुक्त करने) की कार्रवाई की जाएगी और पूरे मामले की रिपोर्ट वरीय अधिकारियों को भेजी जाएगी।

इस कार्रवाई के बाद जिले के स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है। बड़ी संख्या में नाम सामने आने से मामला और भी गंभीर हो गया है। यदि आरोपों की पुष्टि होती है, तो यह स्वास्थ्य सेवाओं की पारदर्शिता और भरोसे पर बड़ा सवाल खड़ा करेगा।