- राम के अयोध्या आगमन से लेकर नई पीढ़ी के उत्सव तक का रंग समेटे है गीत।
दीपावली देश के सबसे बड़े सांस्कृतिक और पारिवारिक उत्सवों में से एक है, लेकिन विडंबना है कि होली, छठ और सावन की तरह दीवाली पर गीतों की बहुतायत सुनाई नहीं देती। एक ओर जहां बाजार और संगीत जगत में छठ गीतों की गूँज अभी से सुनाई देने लगी है, वहीं दीपावली को समर्पित नए गीत अपेक्षाकृत कम नजर आते हैं। ऐसे माहौल में सुप्रसिद्ध भजन गायिका तृप्ति शाक्या की आवाज़ में गीतकार मनोज भावुक का नया दीवाली गीत ‘आयी दीवाली’ रिलीज हुआ है। यह गीत दीपोत्सव के सांस्कृतिक उल्लास को संगीत के माध्यम से जीवंत करने की एक खूबसूरत कोशिश है।
‘कभी राम बनके, कभी श्याम बनके’ जैसे लोकप्रिय भजन से घर-घर में पहचान बनाने वाली तृप्ति शाक्या ने इस गीत को अपनी मधुर आवाज़ से सजाया है। गीत के बोल सुप्रसिद्ध गीतकार, कवि और भोजपुरी सिनेमा के चर्चित अध्येता मनोज भावुक के हैं। संगीत विवेक वक्षी ने दिया है, जबकि इसके निर्माता नीरज पांडेय और वीडियो निर्देशक जुबैर खान हैं। गीत तृप्ति शाक्या के आधिकारिक यूट्यूब चैनल से रिलीज किया गया है।
‘आयी दीवाली’ महज एक उत्सव गीत नहीं, बल्कि पीढ़ियों को जोड़ने वाला सांस्कृतिक गीत है। इसमें दादा-दादी की आत्मीय दुनिया के साथ जेन-जी की ऊर्जा और उत्साह को भी जगह दी गई है। गीत दीपावली के पारंपरिक उल्लास के साथ उस ऐतिहासिक प्रसंग को भी याद दिलाता है, जब 14 वर्ष के वनवास के बाद भगवान श्रीराम के अयोध्या लौटने पर नगरवासियों ने दीप जलाकर उनका स्वागत किया था। इस तरह गीत में परंपरा, आस्था, पारिवारिक अपनापन और आधुनिक उत्सवधर्मिता का सुंदर समन्वय दिखाई देता है।
गौरतलब है कि दशहरा के अवसर पर मनोज भावुक का श्रीराम पर केंद्रित गीत ‘भज ले श्रीराम नाम रे मनवा’ भी फिल्म गायिका प्रियंका सिंह की आवाज़ में रिलीज हुआ था, जिसे श्रोताओं की अच्छी प्रतिक्रिया मिली। मनोज भावुक साहित्य, सिनेमा और संगीत के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान रखते हैं। वे भोजपुरी भाषा-साहित्य और सिनेमा के इतिहास पर भी लंबे समय से काम कर रहे हैं। उनके गीतों में भारतीय संस्कृति, लोकजीवन और गाँव की मिट्टी की खुशबू विशेष रूप से दिखाई देती है।
इसी बीच SRK Music से रिलीज फिल्म ‘पिया का घर’ में भी मनोज भावुक बतौर गीतकार जुड़े हैं। फिल्म का उनका गीत ‘बेटी वो चिरइया है जिसका दो ठिकाना है, पीहर से उड़कर के ससुराल में जाना है’ बेटी की विदाई और उसके भावनात्मक संसार को बेहद मार्मिक ढंग से अभिव्यक्त करता है।
दीपावली के उल्लास के बीच ‘आयी दीवाली’ का आगमन संगीत प्रेमियों के लिए एक सुखद सौगात है।
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