- इसुआपुर में आयोजित बैठक में लाइसेंसधारियों और साउंड संचालकों पर दर्ज प्राथमिकी वापस लेने की उठी मांग, पारंपरिक आयोजन से जुड़े लोगों ने एकजुटता पर दिया जोर
इसुआपुर (सारण)। इसुआपुर के लाल दास मठिया परिसर में गुरुवार को महावीरी अखाड़ा सह झंडा मेला से जुड़े लाइसेंसधारियों और साउंड संचालकों पर दर्ज प्राथमिकी वापस लेने की मांग को लेकर एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में राजद के पूर्व प्रत्याशी शैलेंद्र प्रताप सिंह शामिल हुए। उन्होंने प्राथमिकी वापस लेने की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि मांग पूरी होने तक लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रहेगा।
बैठक की अध्यक्षता राजेश सिंह कुशवाहा ने की, जबकि संचालन डॉ. रणवीर सिंह ने किया। बैठक को संबोधित करते हुए शैलेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि महावीरी अखाड़ा सह झंडा मेला क्षेत्र की संस्कृति, परंपरा और अस्मिता का प्रतीक है। पिछले 42 वर्षों से इस मेले का आयोजन शांतिपूर्ण और सुचारू रूप से होता रहा है। ऐसे पारंपरिक आयोजन से जुड़े लोगों पर प्राथमिकी दर्ज होना दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि मेला आयोजन से जुड़े प्रतिनिधिमंडल ने स्थानीय सांसद से मुलाकात कर अपनी समस्याओं से अवगत कराया था। इस दौरान उन्हें सकारात्मक आश्वासन मिला। शैलेंद्र प्रताप सिंह ने यह भी कहा कि प्रशासन को मेला आयोजन से 15 दिन पहले ही स्थल का निरीक्षण कर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करनी चाहिए थीं।
प्राथमिकी वापसी तक जारी रहेगा लोकतांत्रिक संघर्ष
शैलेंद्र प्रताप सिंह ने स्पष्ट किया कि जब तक दर्ज प्राथमिकी वापस नहीं ली जाती, तब तक वे लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग उठाते रहेंगे। उन्होंने इस मुद्दे पर सभी संबंधित लोगों से एकजुट रहने और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज बुलंद करने की अपील की।
बैठक में हाजी अमजद खान, पूर्व फौजी एमडी वारिस, अजय राय, विश्वेश्वर चौरसिया, अनिल सिंह, श्याम प्रसाद, शत्रुघ्न भक्त, विजय सिंह, टिंकू सिंह और धर्मेंद्र सिंह सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।
महावीरी झंडा मेला कांड में दर्ज प्राथमिकी को लेकर आयोजित इस बैठक के बाद अब सबकी निगाहें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं।









