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मशरक के सरकारी अस्पताल में महिला डॉक्टर नहीं, झोलाछाप के भरोसे महिला मरीज।

कन्हैया कुमार सिंह कि रिर्पोट सारण

मशरक(सारण)सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मशरक में महिला चिकित्सक की पदस्थापना लंबें समय से नहीं होने से इस क्षेत्र की महिला मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़़ रहा है। महिला चिकित्सक के नहीं रहने महिला मरीज अपनी समस्याएं अन्य चिकित्सकों को खुलकर नहीं बता पाती है। एएनएम से समस्या साझा तो करती है, किंतु संतुष्ट नहीं हो पाती है। वहीं लंबे अरसे से एक महिला चिकित्सक नहीं होने से दो लाख से ज्यादा की आबादी अपने स्वास्थ्य को लेकर परेशान रहतीं हैं वहीं ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं झोला छाप चिकित्सक पर निर्भर हो जाती है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मशरक में सभी चिकित्सक पुरूष ही कार्यरत हैं वही ड्यूटी के लिए महिला चिकित्सक तो छोड़िए पुरूष चिकित्सक की भी भारी कमी है। सारण, सिवान और गोपालगंज की सीमा क्षेत्र पर अवस्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जहां प्रतिदिन मरीजों की संख्या डेढ़ सौ से ज्यादा हैं वही इलाक़े से दो हाइवे सड़क की वजह से सड़क दुघर्टना में घायल लोगों की संख्या भी ज्यादा आती है। वही आपकों बता दें कि काफी समय से स्थानीय लोग और प्रखंड स्तरीय प्रतिनिधि भी सरकार और जिम्मेदार से महिला चिकित्सक के साथ और भी सुविधाओं की मांग की गुहार लगाई पर कोई भी इस मामले में कदम नहीं बढ़ा रहें हैं। पूर्व उप प्रमुख साहेब हुसैन उर्फ टुनटुन ने बताया की आधी आबादी के उत्थान के लिए सरकार दावा करती है, लेकिन महिलाओं की जनसंख्या एक लाख से अधिक रहने के बावजूद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में महिला चिकित्सक के पदस्थापित नहीं किया जाना इस इलाके की महिलाओं के लिए छलावा है। नगर पंचायत लोजपा अध्यक्ष मुकेश कुमार सिंह ने कहा कि आर्थिक रूप से संपन्न महिला मरीज जिला स्थित महिला चिकित्सक से अपना इलाज करवा लेती हैं। मगर, आर्थिक संकट से जूझ रही सैकड़ों महिला मरीज अपनी बीमारियों की इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जाती हैं, कितु संकोचवश पुरुष चिकित्सक को नहीं बता पाती हैं।परिणामस्वरूप बिना इलाज के ही वे वापस लौट जाती हैं। महिलाओं के हित में सभी लोगों ने सांसद और विधायक से महिला चिकित्सक की पदस्थापन करवाने की मांग की है।

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