News4Bihar | ठाकुरगंज। नगर पंचायत क्षेत्र के वार्ड संख्या 2 स्थित खोपरा पट्टी में प्रस्तावित अशोक सम्राट भवन निर्माण के बीच वर्षों से बसे करीब 40 परिवारों के सामने अब पुनर्वास का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद इन परिवारों को अपने सिर से छत छिनने का डर सताने लगा है।
इसी समस्या को लेकर प्रभावित परिवारों के प्रतिनिधि मुख्य पार्षद सिकंदर पटेल के नेतृत्व में ठाकुरगंज अंचल कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने अंचल अधिकारी मृत्युंजय कुमार से मुलाकात कर संयुक्त आवेदन सौंपा। आवेदन में सभी ने खुद को भूमिहीन बताते हुए रहने के लिए वैकल्पिक जमीन उपलब्ध कराने की मांग की है।
परिवारों का कहना है कि वे कई वर्षों से उक्त सरकारी भूमि पर रहकर गुजर-बसर कर रहे थे, लेकिन अचानक अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई और भवन निर्माण योजना से वे बेघर होने की कगार पर पहुंच गए हैं। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि पहले पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, उसके बाद ही कोई कार्रवाई की जाए।
मुख्य पार्षद सिकंदर पटेल ने कहा कि विकास कार्य जरूरी हैं, लेकिन इसके साथ गरीब और भूमिहीन परिवारों के अधिकारों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि जब तक इन परिवारों को वैकल्पिक व्यवस्था नहीं मिलती, तब तक उन्हें विस्थापित न किया जाए।
वहीं अंचल अधिकारी मृत्युंजय कुमार ने बताया कि सभी 40 परिवारों का आवेदन प्राप्त हो चुका है। हर परिवार की स्थिति की जांच कराई जाएगी और यदि वे वास्तव में भूमिहीन पाए जाते हैं, तो सरकारी प्रावधानों के तहत उन्हें जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसी के साथ अन्याय नहीं होगा।
इस दौरान भाजपा नेता अनिल महाराज भी मौजूद रहे और उन्होंने प्रभावित परिवारों की मांग का समर्थन करते हुए प्रशासन से संवेदनशीलता के साथ शीघ्र समाधान निकालने की अपील की।
स्थानीय लोगों का मानना है कि अशोक सम्राट भवन के निर्माण से इलाके में सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, लेकिन वर्षों से बसे परिवारों का विस्थापन प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। ऐसे में विकास और पुनर्वास के बीच संतुलन बनाना बेहद जरूरी हो गया है।
फिलहाल, जांच के आश्वासन के बाद प्रभावित परिवारों में उम्मीद जगी है, अब सबकी नजर प्रशासन के अगले कदम पर टिकी है।










