शिलान्यास के बाद कागजों में अटकी सड़क, टेंडर तक नहीं होना प्रशासनिक लापरवाही पर खड़ा कर रहा सवाल।

रूपेश मिश्रा | कटिहार:विधानसभा चुनाव से पूर्व बड़े तामझाम और वादों के साथ जिस सड़क और नाला निर्माण कार्य का शिलान्यास किया गया था, वह आज भी धरातल पर उतरने का इंतजार कर रहा है। पटेल चौक से चौधरी मोहल्ला, तीनगछिया, बाजार समिति और फसिया होते हुए चांदनी चौक तक जाने वाली सड़क की स्थिति जस की तस बनी हुई है। ताज्जुब की बात यह है कि शिलान्यास की तिथि बीत जाने के बावजूद अब तक इस परियोजना के लिए निविदा (टेंडर) की प्रक्रिया तक पूरी नहीं हो सकी है। ऐसे में सवाल उठना लाजमी है कि इस घोर लापरवाही और सुस्ती की जवाबदेही आखिर किस पर बनती ह।

06 अक्टूबर 2025 को हुआ था शिलान्यास

शिलापट्ट के अनुसार, बिहार शहरी आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड (BUIDCO) द्वारा कार्यान्वित ‘मुख्यमंत्री समग्र शहरी विकास योजना’ के तहत नगर निगम कटिहार क्षेत्रान्तर्गत वार्ड संख्या 26, 34, एवं 35 में इस पथ एवं नाला निर्माण कार्य का शिलान्यास 06.10.2025 को किया गया था। इस कार्यक्रम का उद्घाटन पूर्व उप मुख्यमंत्री सह कटिहार विधायक श्री तारकिशोर प्रसाद के कर-कमलों द्वारा हुआ था।

शिलापट्ट पर दर्ज गणमान्य नाम और योजना का विवरण:

उद्घाटनकर्ता: श्री तारकिशोर प्रसाद (माननीय पूर्व उप मुख्यमंत्री सह विधायक, कटिहार)

विशिष्ट अतिथि: श्री तारिक अनवर (माननीय सांसद, कटिहार) एवं श्री अशोक कुमार अग्रवाल (माननीय विधान पार्षद, कटिहार)

गरिमयी उपस्थिति: श्रीमती उषा देवी अग्रवाल (माननीय महापौर, कटिहार), श्री मंजूर खान (माननीय उपमहापौर, कटिहार) सहित स्थानीय पार्षद – श्रीमती गनाकी खातून (वार्ड 25), श्रीमती रूबी कुमारी (वार्ड 26), श्री जिम्मी प्रकाश (वार्ड 34), श्री प्रमोद महतो (वार्ड 35), श्रीमती सरिता पाल (वार्ड 36) एवं श्रीमती सुरैया परवीन (वार्ड 44)।

योजना का नाम: मुख्यमंत्री समग्र शहरी विकास योजना (पथ एवं नाला निर्माण कार्य)

जनता पूछ रही सवाल- कौन है जिम्मेदार?

चुनाव के समय वोट बटोरने और श्रेय लेने के लिए शिलापट्ट तो गाड़ दिए गए, लेकिन चुनावी घोषणाओं के बाद विभाग और स्थानीय प्रशासन इस योजना को भूल बैठा। सड़क और नाला निर्माण न होने से स्थानीय निवासियों और राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जब टेंडर की प्रक्रिया ही पूरी नहीं हुई थी, तो हड़बड़ी में शिलान्यास का ढोंग क्यों रचा गया? विभागीय अधिकारियों की इस उदासीनता का खामियाजा आम जनता भुगत रही है। अब देखना यह होगा कि नगर विकास एवं आवास विभाग तथा संबंधित एजेंसी नींद से कब जागती है और कार्य की निविदा निकालकर धरातल पर काम कब शुरू होता है।