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जिले के प्रखंडों में 27 से मिशन इंद्रधनुष का अंतिम चरण

सत्येन्द्र कुमार शर्मा, सारण :–जिला मुख्यालय सहित जिले के सभी प्रखंडों में 27 नवंबर से मिशन इंद्रधनुष अभियान का अंतिम चरण संचालित किया जाएगा। जिसकी सफ़लता के लिए सदर अस्पताल परिसर में एएनएम स्कूल की छात्राओं द्वारा जागरूकता रैली निकाली गई। इस अवसर पर डीआईओ डॉ. चंदेश्वर सिंह, अस्पताल प्रबंधक राजेश्वर प्रसाद, डब्ल्यूएचओ के एसएमओ डॉ. रंजितेश, यूनिसेफ की एसएमसी आरती त्रिपाठी, यूएनडीपी के वीसीसीएम अंशुमान पांडेय, सिफार के डीपीसी धर्मेंद्र रस्तोगी, निरंजन कुमार सिंह, रवि कुमार और शक्ति कुमार सहित कई अन्य अधिकारी और कर्मी उपस्थित रहे। विगत दिनों जिलाधिकारी अमन समीर की अध्यक्षता में जिला टॉस्क फोर्स (डीटीएफ) को लेकर समाहरणालय सभागार में बैठक आयोजित की गई थी। इस दौरान अभियान की शत प्रतिशत सफ़लता के लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिया गया था। पहले और दूसरे चरण के अभियान की शत- प्रतिशत सफलता से उत्साहित स्वास्थ्य विभाग ने अंतिम चरण की सफलता के लिए भी तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस अभियान के दौरान शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चे सहित गर्भवती महिलाओं का शत प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित कराया जाना है।

मिशन इंद्रधनुष अभियान के सफल क्रियान्वयन को लेकर सामूहिक रूप से प्रयास की जरूरत

सिविल सर्जन डॉ.सागर दुलाल सिन्हा ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग, आईएमए और सहयोगी संस्थाओं में विश्व स्वास्थ्य संगठन, यूनिसेफ और यूएनडीपी के साथ सामूहिक रूप से एक रणनीति के तहत मिशन इंद्रधनुष अभियान की शत प्रतिशत सफलता सुनिश्चित कराने को लेकर प्रयास किया जा रहा है। विगत अभियान के दौरान शत प्रतिशत सफ़लता मिली है। शून्य से पांच आयु वर्ग के सभी बच्चे व गर्भवती महिलाएं टीकाकरण से वंचित नहीं हो इसका विशेष रूप से ध्यान रखा जा रहा है। जिसको लेकर सुदूरवर्ती ग्रामीण इलाकों में अभियान की सफलता विभाग की प्राथमिकताओं में शामिल किया गया है। जिले के वैसे- इलाके जहां नियमित टीकाकरण की पहुंच सीमित संसाधनों के साथ सीमित है, वैसे स्थलों को चिह्नित कर संबंधित इलाकों में मिशन इंद्रधनुष अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विशेष रूप से पहल की जाएगी। इसके लिए जिले के सभी अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिया गया है।

आईएमआई 5.0 के तीसरे चरण की तैयारी पूरी: डीआईओ

जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. चंदेश्वर सिंह ने बताया है कि मिशन इंद्रधनुष अभियान 5.0 के तीसरे चरण में जिले के सभी प्रखंडों में 27 नवंबर से 02 दिसंबर तक सफ़ल संचालन किया जाना है। पहले और दूसरे चरण की शत प्रतिशत सफ़लता को देखते हुए अंतिम चरण में उससे भी बेहतर प्रदर्शन के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से सक्षम और कृतसंकल्पित है। अभियान के दौरान नियमित टीकाकरण का आच्छादन अधिक से अधिक और बेहतर तरीके से प्रभावी बनाने को लेकर हर संभव प्रयास किया जाएगा।

जिले में 1562 सत्र स्थलों के माध्यम से 2090 गर्भवती महिलाओं सहित 5 वर्ष तक के 11112 बच्चों को टीकाकृत करने का लक्ष्य: डीआईओ
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. चंदेश्वर सिंह ने बताया कि जिले में 1562 सेशन साइट बनाया गया है। जिले के अमनौर में 143, बनियापुर में 90, छपरा सदर में 89, दरियापुर में 104, दिघवारा में 44, एकमा में 83, गरखा में 96, इसुआपुर में 42, जलालपुर में 66, लहलादपुर में 29, मकेर में 37, मांझी में 95, मढ़ौरा में 135, मशरख में 50, नगरा में 47, पानापुर में 50, परसा में 61, रिविलगंज शहरी क्षेत्र में 15 जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में 37, सोनपुर में 115, तरैया में 50 वहीं छपरा शहरी क्षेत्र के बड़ा तेलपा में 42 जबकि मसूमगंज में 42 सत्र स्थल के माध्यम से जन्म से लेकर 5 वर्ष तक के 11,112 बच्चे जबकि 2090 गर्भवती महिलाओं को सघन मिशन इंद्रधनुष कार्यक्रम के तहत टीकाकृत करने का लक्ष्य रखा गया है।

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