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तिनटागा, बटेश्वरस्थान में भी बनेगा जेट्टी।

न्यूज4बिहार: भागलपुर जिला पदाधिकारी श्री नवल किशोर चौधरी जी के अध्यक्षता में जिला समीक्षा भवन सभागार में भारतीय अन्तर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण , पटना के द्वारा जल मार्ग विकास परियोजना -2 ( अर्थ गंगा) जलमार्ग संख्या -1 को आम जन के लिए उपलब्ध कराने हेतु जिले के सुल्तानगंज में निर्मित सामुदायिक जेट्टी के बारे में बताया गया साथ ही गंगा को जलमार्ग के साथ साथ आर्थिक व सामाजिक रूप से उपयोगी बनाने हेतु कहलगांव,तिनटागा, बटेश्वर स्थान में भी जेट्टी का निर्माण कराया जायेगा।

इस मौके पर एडीएम भागलपुर, महापौर, निदेशक जलमार्ग प्राधिकरण पटना कार्यालय एल के रजक,उप निदेशक राकेश कुमार, अजय द्विवेदी, पूनम मिश्रा, अभिषेक कुमार उपाध्याय एवं सुमन सौरभ उपस्थित थे।

उल्लेखनीय है कि भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (आईडब्ल्यूएआई) भारत में अंतर्देशीय जलमार्गों के विकास और विनियमन के लिए पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के तहत एक स्वायत्त निकाय है। जल मार्ग विकास परियोजना (जेएमवीपी), भारत सरकार की एक प्रमुख परियोजना है, जिसका उद्देश्य नौवहन (नेविगेशन) के व्यावसायिक रूप से सतत और सुरक्षित माध्यम के रूप में राष्ट्रीय जलमार्ग -1 (गंगा नदी) की क्षमता में वृद्धि करना है।

अर्थ गंगा को जेएमबीपी के तहत सतत विकास मॉडल के सिद्धांतों पर आधारित दृष्टिकोण पर जेएमबीपी-॥ के रूप में विकसित किया जा रहा है। परियोजना के प्रमुख प्रभावों में पर्यावरण और सुरक्षा, उन्नत सांस्कृतिक विरासत, क्षेत्रीय एकीकरण को सुदृढ़ करना और प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसरों का सृजन शामिल है।

इस कार्यक्रम के तहत, स्थानीय समुदायों को जलमार्गों के माध्यम से अपने माल और यात्री (पर्यटकों सहित) की आवाजाही का अवसर प्रदान करके उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल राज्यों से गुजरने वाले / को कवर करने वाले राष्ट्रीय जलमार्ग-1 (एनडब्ल्यू-1) के भीतरी इलाकों में और उसके आसपास आर्थिक गतिविधियों पर साथ ही कौशल विकास और सार्वजनिक निजी क्षेत्र क्षमता विकास पर ध्यान केंद्रित किया गया है। अर्थ गंगा के अनुमानित लाभों में किसानों, व्यापारियों और गंगा बेल्ट के आसपास रहने वाले लोगों को आर्थिक लाभ, लघु उद्योगों का विकास, रोजगार के अवसर आदि शामिल हैं। जेएमबीपी परियोजना के अर्थ गंगा कार्यक्रम के तहत, राष्ट्रीय जलमार्ग 1 पर लगभग 60 स्थानों पर सामुदायिक जेट्टियों विकसित की जा रही हैं, जो कि क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास में योगदान देंगी।

सामुदायिक जेट्टी के परिकल्पित लाभ निम्नलिखित हैं:

जलमार्गों के माध्यम से सब्जियों, फलों, फूलों, डेयरी उत्पादों, मछली, लकड़ी आदि के उत्पादकों के लिए निकटतम बाजार तक सीधी पहुंच।

गंगा नदी के तट पर महत्वपूर्ण धार्मिक मंदिरों और तीर्थयात्राओं के माध्यम से पर्यटन को बढ़ावा देना।

कृषि-प्रसंस्करण से संबंधित कई लघु उद्योगों रेशम बुनाई, डिजाइनिंग और डाइ, पत्थर पर नक्काशी,

हेंडलूम, जूट बॉल हैंगिंग, लकड़ी के क्राफ्ट आदि को कच्चे माल और उत्पादों के परिवहन में बढ़ावा मिलेगा।घ) सड़क पर भीड़भाड़ और उत्सर्जन में कमी।

पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देकर, स्थानीय बाजारों की पहुंच, भीतरी इलाकों की संपर्कता, लघु उद्योगों आदि को बढ़ावा देकर स्थानीय लोगों को रोजगार देना।

अर्थ गंगा परियोजना के अंतर्गत भागलपुर जिले में सुल्तानगंज, तिनटंगा, कहलगांव और बटेश्वरस्थान नामक स्थानों पर 04 सामुदायिक जेट्टियाँ स्थापित की जा रही हैं।

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