जीईसी सीवान में स्टार्टअप-बैंक कनेक्ट कार्यक्रम के माध्यम से उद्यमियों को वित्तीय सहायता एवं बैंकिंग सुविधाओं की दी गई जानकारी

सीवान | बिहार सरकार के उद्योग विभाग एवं स्टार्टअप बिहार की पहल के तहत राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय (जीईसी), सीवान स्थित स्टार्टअप सेल द्वारा आज “स्टार्टअप-बैंक कनेक्ट: स्टार्टअप्स के लिए वित्तीय सहायता तक पहुँच सुनिश्चित करना” विषय पर एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य स्टार्टअप उद्यमियों को बैंकिंग सुविधाओं, वित्तीय सहायता, सरकारी योजनाओं तथा स्टार्टअप के विकास के लिए उपलब्ध अवसरों से अवगत कराना था।कार्यक्रम में जिले के स्टार्टअप उद्यमियों, विद्यार्थियों तथा विभिन्न विभागों और वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। इस पहल का मुख्य उद्देश्य स्टार्टअप संस्थापकों और बैंकिंग संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना तथा उद्यमियों को संस्थागत वित्तीय सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया के प्रति जागरूक करना था।कार्यक्रम में जिला उद्योग केंद्र (डीआईसी), सीवान के महाप्रबंधक श्री विवेक कुमार ने उद्यमियों को उद्योग विभाग की भूमिका, सरकारी सहायता योजनाओं तथा स्टार्टअप के विकास के लिए उपलब्ध अवसरों के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने उद्यमियों को सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने तथा अपने व्यावसायिक विचारों को योजनाबद्ध तरीके से विकसित करने के लिए प्रेरित किया।इस अवसर पर अग्रणी जिला प्रबंधक (एलडीएम) राणा प्रताप सिंह, पंजाब नेशनल बैंक के जिला समन्वयक संजय श्रीवास्तव तथा भारतीय स्टेट बैंक के प्रतिनिधि श्री प्रशांत कुमार ने बैंकिंग सुविधाओं और स्टार्टअप वित्तपोषण से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर जानकारी साझा की। उन्होंने ऋण आवेदन प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेजों, परियोजना रिपोर्ट, व्यवसाय योजना तथा वित्तीय प्रबंधन के महत्व पर प्रकाश डाला। साथ ही, उद्यमियों को अपनी वित्तीय आवश्यकताओं के अनुरूप उपयुक्त बैंकिंग विकल्पों को समझने के लिए मार्गदर्शन दिया गया।कार्यक्रम में क्रेडिट गारंटी स्कीम फॉर स्टार्टअप्स तथा स्टार्टअप के लिए उपलब्ध विभिन्न वित्तीय विकल्पों के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। इसके अंतर्गत पात्रता, ऋण मूल्यांकन, कार्यशील पूंजी, टर्म लोन तथा वित्तीय संस्थानों से संपर्क स्थापित करने की प्रक्रिया जैसे विषयों पर चर्चा की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य उद्यमियों को वित्तीय सहायता प्राप्त करने में आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों को समझने और उनके समाधान के लिए उचित मार्गदर्शन उपलब्ध कराना था।

कार्यक्रम में परियोजना प्रबंधक श्री एमडी शहजाद तथा उद्योग विस्तार पदाधिकारी श्री अनिल कुमार की भी सहभागिता रही। विभिन्न विभागों एवं बैंकिंग संस्थानों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति से स्टार्टअप उद्यमियों को संस्थागत सहयोग और वित्तीय सुविधाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिला।कार्यक्रम के सफल आयोजन में स्टार्टअप कोऑर्डिनेटर कुमार आदित्य चंद्र ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने पूरे कार्यक्रम के आयोजन में सक्रिय सहयोग करते हुए विभिन्न विभागों, बैंकिंग संस्थानों और संबंधित पदाधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित किया। कार्यक्रम की तैयारियों, अतिथियों के साथ संपर्क तथा आयोजन संबंधी व्यवस्थाओं में उनके योगदान से कार्यक्रम को व्यवस्थित रूप से संचालित करने में सहायता मिली।इस अवसर पर जीईसी सीवान के प्राचार्य डॉ. सूर्यकांत सिंह तथा स्टार्टअप सेल के फैकल्टी इंचार्ज डॉ. विवेक कुमार श्रीवास्तव की सहभागिता भी रही। महाविद्यालय का स्टार्टअप सेल विद्यार्थियों और नवोदित उद्यमियों के बीच नवाचार, उद्यमिता एवं स्वरोजगार की भावना को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया कि किसी स्टार्टअप की सफलता के लिए केवल एक अभिनव विचार पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसके लिए उचित व्यवसाय योजना, वित्तीय संसाधन, बैंकिंग सुविधाओं, मार्गदर्शन तथा बाजार की आवश्यकताओं की समझ भी आवश्यक है। बैंकिंग संस्थानों और सरकारी विभागों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित होने से उद्यमियों को अपने व्यवसाय के विस्तार के लिए आवश्यक जानकारी और अवसर प्राप्त हो सकते हैं।कार्यक्रम का मुख्य संदेश रहा कि सरकारी सहायता, बैंकिंग सुविधाओं और उद्यमिता संबंधी मार्गदर्शन के प्रभावी समन्वय से बिहार में एक सशक्त स्टार्टअप इकोसिस्टम विकसित किया जा सकता है। इस प्रकार की पहल जिले में नवाचार आधारित उद्यमों को प्रोत्साहित करने और स्थानीय युवाओं को उद्यमिता के अवसरों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।