Saran news | मजदूरी 250, काम गंदगी में; सफाईकर्मियों का फूटा गुस्सा

  • 420 रुपये न्यूनतम मजदूरी की मांग पर हड़ताल, दुर्गा चौक पर आगजनी कर एसएच-90 जाम; पुलिस ने समझाकर खुलवाया जाम

 

मशरक (सारण)मानदेय में वृद्धि, नियमित भुगतान और सफाई कार्य के दौरान जरूरी सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने की मांग को लेकर नगर पंचायत मशरक के सफाईकर्मी सोमवार को हड़ताल पर चले गए। सफाईकर्मियों के काम ठप करने से नगर पंचायत क्षेत्र की सफाई व्यवस्था प्रभावित हो गई और स्टेशन रोड, दुर्गा चौक तथा महावीर चौक समेत कई स्थानों पर कचरे का अंबार लग गया।

हड़ताल पर गए दो दर्जन से अधिक सफाईकर्मियों ने झाड़ू, टोकरी और ठेला लेकर नगर पंचायत क्षेत्र में प्रदर्शन किया। आक्रोशित सफाईकर्मियों ने जमा कचरे को सड़क पर डालकर विरोध जताया। इसके बाद दुर्गा चौक के समीप छपरा-मशरक एसएच-90 पर पहुंचकर प्रदर्शन किया और आगजनी कर सड़क जाम कर दी। इससे सड़क पर आवागमन बाधित हो गया और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

सूचना मिलने पर मशरक थानाध्यक्ष उज्ज्वल कुमार, अपर थानाध्यक्ष संपूर्णानंद पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने सफाईकर्मियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और समझा-बुझाकर जाम हटवाया। इसके बाद यातायात व्यवस्था बहाल कराई गई। पुलिस की ओर से सफाईकर्मियों को उनकी मांगों को लेकर बैठक कर समाधान की दिशा में पहल किए जाने का आश्वासन दिया गया।

420 रुपये मजदूरी की मांग

सफाईकर्मी अरुण बांसफोड़, विशाल कुमार, अनिल कुमार समेत अन्य ने बताया कि उन्हें वर्तमान में प्रतिदिन करीब 200 से 250 रुपये ही मिलते हैं। कर्मियों ने न्यूनतम मजदूरी के रूप में प्रतिदिन 420 रुपये भुगतान करने की मांग की है। उनका कहना है कि महंगाई के दौर में इतनी कम मजदूरी में परिवार चलाना मुश्किल है।

कर्मियों ने सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने की भी मांग की। उनका कहना है कि गंदगी, नालियों और कचरे के बीच काम करने के दौरान संक्रमण और चोट का खतरा बना रहता है, लेकिन पर्याप्त दस्ताने, जूते, मास्क समेत अन्य सुरक्षा सामग्री नहीं मिलती।

एक सप्ताह पहले भी किया था घेराव

सफाईकर्मियों ने बताया कि करीब एक सप्ताह पहले भी मजदूरों ने नगर पंचायत चेयरमैन सोहन महतो के आवास का घेराव कर अपनी मांगों को लेकर विरोध जताया था। उनका आरोप है कि बार-बार गुहार लगाने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। सोमवार की हड़ताल के बाद नगर पंचायत क्षेत्र में कचरे का ढेर लगने से स्थानीय दुकानदारों और नागरिकों को दुर्गंध तथा गंदगी की समस्या झेलनी पड़ी। अब सफाईकर्मियों की मांगों पर नगर पंचायत प्रशासन की अगली पहल पर सबकी नजर है।