रूपेश मिश्रा / मनिहारी (कटिहार)। गंगा के बढ़ते जलस्तर के बीच मनिहारी प्रखंड के बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। बाढ़ ने कई गांवों में विकराल रूप धारण कर लिया है। चारों तरफ पानी का फैलाव होने से ग्रामीणों का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। कई परिवार अपने घर-बार छोड़कर सड़क किनारे, बांध या अन्य ऊंचे स्थानों पर शरण लेने को मजबूर हैं।
बाढ़ के पानी ने लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी मुश्किल कर दी है। प्रभावित परिवारों के सामने भोजन, शुद्ध पेयजल, दवा, पशुओं के चारे और आवागमन की समस्या खड़ी हो गई है। नाव ही कई इलाकों में आवागमन का प्रमुख सहारा बनी हुई है। वहीं, बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और बीमार लोगों की परेशानी सबसे ज्यादा बढ़ गई है।
बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों का कहना है कि संकट की इस घड़ी में राहत सामग्री और जरूरी सुविधाएं समय पर उपलब्ध होना बेहद जरूरी है। लोगों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों को और तेज किया जाए तथा हर जरूरतमंद परिवार तक भोजन, पेयजल, दवा, पशु चारा, नाव और सुरक्षित आश्रय की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।









