🔴 निजी स्कूलों की मनमानी पर प्रशासन का शिकंजा, 15 अप्रैल तक किताब–यूनिफॉर्म सूची सार्वजनिक करने का आदेश
छपरा | News4Bihar : सारण जिले में निजी स्कूलों की बढ़ती मनमानी पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि कोई भी स्कूल अभिभावकों को किसी विशेष दुकान से किताबें या यूनिफॉर्म खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकता। ऐसा करना नियमों का उल्लंघन माना जाएगा और संबंधित स्कूल पर कार्रवाई होगी।
प्रशासन को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कई निजी विद्यालय एडमिशन के नाम पर मोटी फीस वसूलने के साथ-साथ अभिभावकों को तय दुकानों से ही किताबें, कॉपियां और यूनिफॉर्म खरीदने के लिए दबाव बना रहे हैं। इस पर संज्ञान लेते हुए डीएम ने इसे गंभीर मामला बताते हुए कड़ी चेतावनी दी है।
📌 क्या-क्या दिए गए हैं निर्देश?
- ❌ किसी भी अभिभावक को विशेष दुकान से खरीदारी के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा
- 📅 15 अप्रैल तक सभी स्कूलों को किताबों और यूनिफॉर्म की पूरी सूची सार्वजनिक करनी होगी
- 🌐 यह जानकारी स्कूल की वेबसाइट या सूचना पट पर उपलब्ध करानी होगी
- 🔍 एसडीओ और डीईओ को जांच और निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है
📢 अभिभावकों को राहत
जिला प्रशासन के इस कदम से अभिभावकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। लंबे समय से स्कूलों की मनमानी और बढ़ते खर्च से परेशान अभिभावकों ने इस फैसले का स्वागत किया है।
⚖️ नियम तोड़ने पर होगी सख्त कार्रवाई
प्रशासन ने साफ किया है कि यदि जांच में किसी स्कूल द्वारा नियमों का उल्लंघन पाया गया, तो उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें मान्यता रद्द करने तक की प्रक्रिया शामिल हो सकती है।
निष्कर्ष:
जिला प्रशासन की इस पहल से शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी और अभिभावकों को आर्थिक बोझ से राहत मिलेगी। अब देखना होगा कि निजी स्कूल इन निर्देशों का कितना पालन करते हैं।










